कमिश्नर रीवा से जांच की मांग, आरटीआई में आदेश के बाद भी रिकॉर्ड न देने का आरोप, अधिकारियों ने कमिश्नर खाकर जांच में कर रहे हीला हवाली
सिंगरौली। जनपद पंचायत चितरंगी अंतर्गत ग्राम पंचायत खैड़ार में विकास कार्यों के नाम पर बड़े पैमाने पर अनियमितता किए जाने के गंभीर आरोप सामने आए हैं। ग्रामीणों की ओर से महात्मा गांधी रोजगार गारंटी कार्यालय रीवा के कमिश्नर को शिकायत भेजकर पंचायत में वर्ष 2022 से 2026 के बीच कराए गए विभिन्न निर्माण कार्यों की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की गई है। फिर भी जांच में हीला हवाली की जा रही है। सूत्रों की माने तो अधिकारियों ने जांच के नाम पर जमकर कमीशन खाया है। अब इस भ्रष्टाचार पर पर्दा डालने का काम जनपद चितरंगी और जिला पंचायत के अधिकारियों के द्वारा किया जा रहा है। खैडा़र पंचायत का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। शिकायत में सरपंच, सचिव सहित संबंधित अधिकारियों-कर्मचारियो की भूमिका पर सवाल उठाए गए हैं।
इधर बता दें कि शिकायतकर्ता का आरोप है कि पंचायत में कराए जाने वाले कार्यों की वास्तविक जानकारी दर्शाने वाले बोर्ड नहीं लगाए जाते। एक टिन बोर्ड को अलग-अलग कार्यस्थलों पर ले जाकर जियोटैग कराने के बाद वापस घर में रख दिए जाने का दावा किया गया है। ग्रामसभा में कार्यों और खर्च की जानकारी मांगने पर भी संतोषजनक जानकारी नहीं देने का आरोप है। शिकायत में बताया गया कि सूचना के अधिकार के तहत दो बार पंचायत सचिव से कार्यों के स्टीमेट और मूल्यांकन की प्रतियां मांगी गईं। प्रथम अपील के बाद मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत द्वारा रिकॉर्ड उपलब्ध कराने के निर्देश दिए जाने के बावजूद जानकारी नहीं मिलने का आरोप लगाया गया है। शिकायतकर्ता ने इसे पारदर्शिता पर गंभीर सवाल बताया है।
आरोप है कि कई कार्यों में स्टीमेट के महज 20 से 25 प्रतिशत तक काम कराया गया, जबकि शत-प्रतिशत मूल्यांकन कराकर भुगतान प्राप्त कर लिया गया। सोख्ता गड्ढे और नाडेप निर्माण के नाम पर भी बिना कार्य कराए राशि निकालने की शिकायत की गई है। शिकायत में कई लघु तालाबों, चेकडेम, गैवियन, नाली, कलवर्ट और पीसीसी निर्माण में गुणवत्ता से समझौते का आरोप लगाया गया है। एक ही क्षेत्र में करीब 30-30 मीटर की दूरी पर 12 लघु तालाब बनाए जाने तथा इनमें नाममात्र का काम कराकर पूरा भुगतान लेने की बात कही गई है। झरिया नाला में करीब 20 लाख रुपये के चेकडेम के निर्माण में भी गंभीर अनियमितता का आरोप है।
शिकायतकर्ता का दावा है कि रेतीली भूमि पर बनाए गए इस चेकडेम में पानी नहीं ठहरता। इसके बावजूद मनमानी काम कराकर निर्माण कर कराया गया। आरोप यह भी है कि ग्राम पंचायत खैडा़र में निर्माण कार्यों के नाम पर जमकर अनियमितता की गई है। अगर सही तरीके से जांच कराई जाए तो लाखों रुपए का भ्रष्टाचार उजागर हो सकता है। इस पूरे खेल में जिला पंचायत और जनपद पंचायत के अलावा सरपंच व सचिव ने सरकार के पैसे का दुरुपयोग करते हुए कमीशन के लोभ में ऐसा खेल खेला है।
चटवा नाला के सौंदर्यीकरण के नाम पर हुआ खेल
शिकायतकर्ताओं की बातों पर गौर करें तो चटवा नाला सौंदर्यीकरण के नाम पर कुछ घंटे जेसीबी चलाकर करीब 10 लाख रुपये का मस्टर रोल जारी करने तथा मजदूरों के खातों से राशि वापस लेने का भी आरोप लगाया गया है। खेलाड़ी पिता रामऔतार के लघु तालाब और अन्य कार्यों में फर्जी मस्टर रोल जारी किए जाने की शिकायत है। वहीं खैरहवा में दिनेश चतुर्वेदी के घर से आदिवासी बस्ती तक बनाई गई पीसीसी सड़क के दो माह में ही टूटने का आरोप लगाया गया है। छह कलवर्ट पुलियों में पर्याप्त कंक्रीट बेस नहीं बनाए जाने तथा पाइप मिट्टी पर रखकर मूल्यांकन कराने की बात कही गई है।
तकनीकी और वित्तीय जांच की मांग
शिकायत में हरिओम ट्रेडर्स और भवानी ट्रेडर्स के नाम से फर्जी बिल लगाकर भुगतान कराने तथा कई कार्यों में सामग्री मौके पर नहीं पहुंचने के बावजूद राशि आहरित करने का आरोप भी लगाया गया है। हालांकि, इन आरोपों की जांच के बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। शिकायतकर्ता ने कमिश्नर रीवा से खैड़ार पंचायत के वर्ष 2022 से 2026 तक के सभी निर्माण कार्यों, मस्टर रोल, मूल्यांकन, भुगतान, सामग्री खरीद और जियोटैग रिकॉर्ड की तकनीकी एवं वित्तीय जांच कराने की मांग की है। साथ ही दोषी पाए जाने वाले अधिकारी-कर्मचारियों एवं जिम्मेदार लोगों के विरुद्ध कार्रवाई और शासकीय राशि की वसूली की मांग की गई है।