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माजन मोड़ पर सड़क के बीच मवेशियों का डेरा, नगर निगम की कार्रवाई सिर्फ कागजों में?

सिंगरौली। शहर के सबसे व्यस्त चौराहों में शामिल माजन मोड़ इन दिनों आवारा मवेशियों के कारण हादसे का संभावित केंद्र बनता जा रहा है। हैरानी की बात यह है कि जिस स्थान से महज 50 मीटर की दूरी पर नगर पालिक निगम का कार्यालय और करीब 100 मीटर की दूरी पर कलेक्ट्रेट स्थित है, वहीं सड़क के बीचोंबीच दर्जनभर से अधिक मवेशियों का जमावड़ा जिम्मेदारों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर रहा है।

बरगवां, सीधी और नवानगर की ओर जाने वाले मार्गों को जोड़ने वाले इस चौराहे पर दिनभर भारी यातायात रहता है। इसके बावजूद मवेशी कभी सड़क के बीच बैठे जुगाली करते नजर आते हैं तो कभी वाहनों के बीच घूमते दिखाई देते हैं। बाइक सवारों को अचानक सामने आए मवेशियों से बचने के लिए ब्रेक लगाना पड़ता है। चारपहिया वाहन चालकों को भी कई बार दिशा बदलकर निकलना पड़ता है। ऐसे में थोड़ी सी चूक गंभीर हादसे का कारण बन सकती है।

विडंबना यह है कि नगर निगम के अधिकारी और कर्मचारी इसी मार्ग से होकर गुजरते हैं। कलेक्ट्रेट भी पास ही है, लेकिन सड़क पर पसरी यह अव्यवस्था लंबे समय से बनी हुई है। मवेशियों के बीच आपसी संघर्ष होने पर स्थिति और खतरनाक हो सकती है। सवाल यह भी है कि क्या नगर निगम किसी बड़े हादसे के बाद ही सक्रिय होगा?

दावों की सड़क पर खुलती पोल

आवारा मवेशियों को सड़कों से हटाने, उनके संरक्षण और गौशालाओं में व्यवस्था के दावे समय-समय पर किए जाते हैं। लेकिन माजन मोड़ की तस्वीर इन दावों की जमीनी हकीकत पर सवाल खड़े करती है। यदि शहर के प्रमुख चौराहे पर ही कार्रवाई नजर नहीं आ रही तो बाकी इलाकों की स्थिति का अंदाजा सहज लगाया जा सकता है।

माजन मोड़ पर मवेशियों का जमावड़ा सिर्फ यातायात की समस्या नहीं, बल्कि नगर निगम की निगरानी और जवाबदेही की परीक्षा भी है। अब सवाल सीधा है कि सड़क मवेशियों के लिए छोड़ी गई है या शहरवासियों के आवागमन के लिए? जिम्मेदारों को जवाब देने के साथ कार्रवाई भी करनी होगी।

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