|
Breaking News
करोड़ों खर्च के बावजूद गंदगी कायम, पचखोरा में बदहाल सड़कें और सड़ता कचरा से लोग परेशान2 साल से बंद आंगनबाड़ी, अब नोटिस जारी—बच्चों के हक पर विभाग की नींद टूटी!मजदूरी घोटाला फूटा: चेकडैम में पसीना बहाया, भुगतान को तरसे 100 से ज़्यादा मजदूरफ़ालतू बात मत करों : सवालों से भागे एसपी,कानून व्यवस्था बेपटरी53 गांव और सिर्फ 5 पुलिसकर्मी! बगदरा चौकी में सुरक्षा राम भरोसे, कभी भी लग सकता है ताला ?सिंगरौली में हनीट्रैप का जाल, डॉक्टर को ब्लैकमेल कर 5 लाख की डिमांड, गिरफ्तारसांप काटने से मासूम की मौत, ट्रामा सेंटर लापरवाही और खराब फ्रीजर ने बढ़ाई मुश्किलेंठेकेदार को फायदा पहुंचाने 78 लाख का हुआ स्ट्रीट लाइट टेंडर ?  महापौर का पत्र भी अनदेखाकरोड़ों खर्च के बावजूद गंदगी कायम, पचखोरा में बदहाल सड़कें और सड़ता कचरा से लोग परेशान2 साल से बंद आंगनबाड़ी, अब नोटिस जारी—बच्चों के हक पर विभाग की नींद टूटी!मजदूरी घोटाला फूटा: चेकडैम में पसीना बहाया, भुगतान को तरसे 100 से ज़्यादा मजदूरफ़ालतू बात मत करों : सवालों से भागे एसपी,कानून व्यवस्था बेपटरी53 गांव और सिर्फ 5 पुलिसकर्मी! बगदरा चौकी में सुरक्षा राम भरोसे, कभी भी लग सकता है ताला ?सिंगरौली में हनीट्रैप का जाल, डॉक्टर को ब्लैकमेल कर 5 लाख की डिमांड, गिरफ्तारसांप काटने से मासूम की मौत, ट्रामा सेंटर लापरवाही और खराब फ्रीजर ने बढ़ाई मुश्किलेंठेकेदार को फायदा पहुंचाने 78 लाख का हुआ स्ट्रीट लाइट टेंडर ?  महापौर का पत्र भी अनदेखा

मजदूरी घोटाला फूटा: चेकडैम में पसीना बहाया, भुगतान को तरसे 100 से ज़्यादा मजदूर

सिंगरौली : जिले के देवसर जनपद अंतर्गत कठदहा ग्राम पंचायत में चेकडैम निर्माण कार्य अब विकास नहीं, बल्कि मजदूर शोषण और भ्रष्टाचार की कहानी बनता जा रहा है। यहां 15 से 20 दिन तक कड़ी मेहनत करने वाले सैकड़ों मजदूर अपनी ही मजदूरी के लिए दर-दर भटकने को मजबूर हैं। हालात इतने बिगड़ चुके हैं कि थक-हारकर करीब एक सैकड़ा महिला और पुरुष मजदूर कलेक्ट्रेट पहुंच गए और जनसुनवाई में न्याय की गुहार लगाई।

मजदूरों का आरोप है कि जब भी वे अपनी मजदूरी मांगने सरपंच और सचिव के पास जाते हैं, तो उन्हें सिर्फ आश्वासन देकर टाल दिया जाता है। कई मजदूरों ने यह भी बताया कि बार-बार भुगतान मांगने पर उन्हें धमकाया जाता है और कहा जाता है कि “जहां शिकायत करनी है कर दो, हमें किसी का डर नहीं।” इस रवैये से मजदूरों में भारी आक्रोश है और पंचायत की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।

ग्रामीणों का कहना है कि चेकडैम निर्माण के नाम पर बड़े पैमाने पर वित्तीय अनियमितताएं की जा रही हैं और फर्जी तरीके से राशि आहरण की आशंका है। मजदूरों ने प्रशासन से मांग की है कि उनकी बकाया मजदूरी का तत्काल भुगतान कराया जाए और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच हो।

सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर जिम्मेदार अधिकारी अब तक चुप क्यों हैं? क्या गरीब मजदूरों की मेहनत की कमाई यूं ही लूटी जाती रहेगी? अब निगाहें प्रशासन पर टिकी हैं कि वह इस गंभीर मामले में कितनी जल्दी कार्रवाई करता है और मजदूरों को उनका हक कब तक दिला पाता है। फिलहाल, कठदहा के मजदूर न्याय की उम्मीद में प्रशासन की ओर टकटकी लगाए बैठे हैं।

शेयर करें

क्या आईपीएल में इम्पैक्ट प्लेयर नियम हटाना चाहिए?

लेटेस्ट खबरें

संबंधित समाचार