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करोड़ों खर्च के बावजूद गंदगी कायम, पचखोरा में बदहाल सड़कें और सड़ता कचरा से लोग परेशान

स्थानीय लोगों का आरोप, करोड़ों खर्च के बावजूद सफाई व्यवस्था फेल, सड़कें बनी कीचड़ और बदबू का अड्डा

सिंगरौली: बारिश की पहली ही फुहार ने नगर निगम की स्वच्छता व्यवस्था की हकीकत उजागर कर दी है। पचखोरा वार्ड क्रमांक 30 में नालियों की सफाई तो कर दी गई, लेकिन निकाला गया कचरा तीन दिनों से सड़क किनारे सड़ रहा है। भीगता हुआ यह कचरा अब बदबू और बीमारी का कारण बनता जा रहा है। हालात ऐसे हैं कि पूरे इलाके में दुर्गंध फैल चुकी है और सड़कें नाली के मलवे से पट गई हैं। सफाई के नाम पर सिर्फ औपचारिकता निभाई गई, जबकि असली समस्या को यूं ही छोड़ दिया गया।

स्थानीय लोगों का आरोप है कि नगर निगम हर महीने स्वच्छता के नाम पर करोड़ों रुपये खर्च करता है, लेकिन जमीनी हकीकत बद से बदतर होती जा रही है। बारिश के चलते सड़क पर पानी भर गया है, जिससे राहगीरों और वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। गुजरते वाहनों से उछलते गंदे पानी के छींटे लोगों के लिए रोज की मुसीबत बन गए हैं। पैदल चलना मुश्किल हो गया है और कई जगह फिसलन के कारण दुर्घटना का खतरा भी बढ़ गया है। वार्ड में सीवर लाइन का काम होने के बाद सड़कों की हालत जर्जर हो गई है, सीवर लाइन काम होने के बाद उन्हें दुरुस्त नहीं किया गया। नतीजा यह है कि पूरी सड़क जगह-जगह धंस रही है और बारिश में कीचड़ व गंदगी का अड्डा बन चुकी है।

इस मुद्दे पर स्थानीय लोगों ने भी नगर निगम पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि यह सिर्फ लापरवाही नहीं, बल्कि साफ तौर पर भ्रष्टाचार का मामला है, जहां जनता की सुविधा से ज्यादा पैसों का बंदरबांट हो रहा है। अब सवाल यह उठता है कि जब करोड़ों खर्च के बावजूद हालात इतने बदतर हैं, तो जिम्मेदारी कौन लेगा ? क्या नगर निगम सिर्फ कागजों में सफाई दिखाकर अपनी जिम्मेदारी पूरी मान लेगा, या फिर जमीनी स्तर पर भी सुधार के लिए कोई ठोस कदम उठाए जाएंगे। फिलहाल, पचखोरा की जनता गंदगी, बदबू और बदहाल सड़कों के बीच अपनी रोजमर्रा की जिंदगी काटने को मजबूर है। इस संबंध में जब वर्तमान पार्षद से संपर्क किया गया तो उन्होंने फोन नहीं उठाया।

इनका कहना है

पचखोरा वार्ड में एक सप्ताह से सड़क किनारे सड़ता कचरा और बदहाल सड़कें जनता की परेशानी बढ़ा रही हैं। करोड़ों रुपये खर्च के बावजूद जमीनी स्तर पर कोई काम नजर नहीं आता, बल्कि यह साफ तौर पर भ्रष्टाचार और लापरवाही का उदाहरण है, जिससे आम लोगों को रोजाना गंदगी, कीचड़ और दुर्गंध का सामना करना पड़ रहा है।

राम सागर साह, पूर्व पार्षद – वार्ड क्रमांक -30

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सिंगरौली जिले को कौन चला रहा

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