February 12, 2026

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परिषद में कमिश्नर बोलें यहां स्वच्छता नोडल बनने छाती पर पैर रख करवाते हैं आदेश,330 करोड का बजट पास कर करप्शन में कहीं बड़ी बात

सिंगरौली। नपानि सिंगरौली के सभागार में आज दिन सोमवार को सभापति देवेश पाण्डेय के अध्यक्षता एवं आयुक्त डीके शर्मा व प्रभारी महापौर खुर्शीद आलम तथा उपायुक्त आरपी बैस की उपस्थिति में आगामी वित्तीय वर्ष 2025-26 सत्र की बजट को लेकर बैठक आयोजित की गई। जहा 330 करोड रुपए का बजट पास हुआ। वही वार्ड -29 के भाजपा पार्षद रामनरेश शाह ने स्वच्छता में कमिश्नर पर 10 फीसदी कमीशन लेने का आरोप लगाया तो कमिश्नर डीके शर्मा विखर पड़े। उन्होंने कहा कि स्वच्छता का नोडल बनने के लिए मेरे छाती पर पैर रखकर आदेशित करवाया जाता है। ऐसे में मैं भ्रष्टाचार को कैसे रोकूं। 

बैठक शुरू होती घर-घर कचरा संग्रहण और निस्तारण को लेकर पार्षद प्रेम सागर मिश्रा ने सवाल दागने लगे। वहीं ननि अध्यक्ष देवेश पाण्डेय ने हस्तक्षेप करते हुये आयुक्त से जवाब मांगा, जहां जवाब देते हुए कमिश्नर डीके शर्मा ने कहा कि व्यवस्था को तभी सुधारा जा सकता है जब सारा सदन सहयोग करें। एक कर्मचारी पर कार्यवाही करूंगा तो माननीय पार्षदों में से ही चार पार्षदों को लेकर मेरे पास आ जाएंगे की कार्यवाही ना हो फिर मेरी भी मजबूरी हो जाती है कि मैं कार्यवाही ना करूं, आदेश को बदलना मेरी मजबूरी हो जाती है क्योंकि जनप्रतिनिधि का सम्मान देना हमारी मजबूरी है।

आयुक्त ने कहा कि पार्षद लगातार स्वच्छता को लेकर शिकायत करते है कि गाड़ियां कम लगी है। सिटाडेल की फाइल हर महीने महापौर के पास सैंक्शन के लिए जाती है। यदि महापौर चाहे तो फाइल के भुगतान को रोक सकती है। पार्षदगण गाड़ियों का सत्यापन कर ले कि कितनी गाड़ियां लगीं हुई हैं। मैं सदन के साथ हूं उस पर कार्यवाही हो। असमर्थता जताते हुए उन्होंने कहा कि अकेला कमिश्नर भ्रष्टाचार को नहीं रोक पाएगा। अकेले भुगतान रोकने की ताकत कमिश्नर को नहीं है। क्योंकि स्वच्छता का नोडल बनने के लिए मेरे छाती पर पैर रखकर आदेशित करवाया जाता है। ऐसे में मैं कैसे भ्रष्टाचार को रोकूं। मैं सदन के समक्ष सब कुछ अवगत कराने को तैयार हूं यह संकल्प लेने को मैं तैयार हूं कि एक रूपए का भ्रष्टाचार मैं नहीं होने दूंगा यदि सदन मेरा साथ दे।

यहां कोई भी एरा गैरा नट्टू खैरा जो यह छाप देता है, मेरे सम्मानित पार्षद कहते हैं कि मैं 10 फीसदी कमीशन ले लिया है यह बात शोभा नहीं देती। लेने का प्रमाण हो तो बताएं। जवाब में पूरा परिषद कमिश्नर के साथ खड़े नजर आया।

कायाकल्प भुगतान की रच रहें साजिश 

आयुक्त के बयान के बाद इस बात पर मुहर लग गई कि नगर निगम में भ्रष्टाचार जड़ तक घुसा हुआ है। उन्होंने कार्यवाही नहीं करने की असमर्थता भी बताई। वहीं पार्षदों ने भी आरोप लगाया कि स्वच्छता, कायाकल्प, अमृत जल योजना और सीवरेज लाइन के गुणवत्ता विहीन काम हों रहें हैं। वहीं नियमों को दरकिनार कर कायाकल्प -2 के तहत गुणवत्ता विहीन हुए कामों के भुगतान के लिए तथाकथित पार्षद ठेकेदार के परोंपकार बनते नजर आ रहे हैं। वही अधिकारी भी भुगतान में अपने कमीशन के जुगाड़ में लगे हैं। देखने लायक होगा कि गारंटी पीरियड की सड़कों में नियम विरुद्ध हुए कामों का भुगतान होगा या नहीं।

परिषद अध्यक्ष ने आयुक्त के बजट को दी मंजूरी

वित्तीय वर्ष 2025-26 के बजट में करीब 137 करोड़ रूपये कटौती किये जाने को लेकर भाजपा-कांग्रेस के पार्षद मेयर से नाराज थे। लेकिन आयुक्त के 340 करोड़ आए और 330 करोड रुपए व्यय के प्रस्तावित बजट से परिषद सहित अध्यक्ष ने अपनी मंजूरी दे दी। बजट को लेकर परिषद अध्यक्ष देवेश पांडे ने कहा कि शहर के विकास के लिए बेहतर बजट है, शहर की आबादी लगातार बढ़ रही है ऐसे में बजट भी बढ़ कर होना चाहिए। कमिश्नर का जो सुझाव आया सदस्यगढ़ सहमति जताई। यह बजट शहर के विकास वाला बजट है।

ओडीएफ की झूठी जानकारी देखकर लिया प्रमाण पत्र -अनिल

बैठक में वार्ड क्रमांक 38 के पार्षद अनिल कुमार वैश्य ने अधिकारियों पर नपानि को झूठा ओडीएफ घोषित करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि अलग-अलग वार्डों के हजारों घरों में आज तक शौचालय नहीं बना है।महिलाएं खुले मैं शौच करने के लिए मजबूर है। नगर निगम अधिकारियों की संवेदना बिल्कुल खत्म हो गई है। अधिकारी और भाजपा नेता वाहवाही लूटने के लिए बिना शौचालय बनाए भोपाल और दिल्ली में खुले में शौच से मुक्त बता दिया। अधिकारी झूठी जानकारी देकर ओडीएफ प्रमाण पत्र ले लिए हैं। उन्होंने झूठें अधिकारी कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की। हालांकि पार्षद के सवाल पर अध्यक्ष और आयुक्त कोई जवाब नहीं दिए।

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