February 11, 2026

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Singrauli नगर निगम परिषद बैठक में पार्षदों ने कमिश्नर चोर है के लगाए नारे,महापौर के लिए निंदा प्रस्ताव लाने की मांग

सिंगरौली। नगर निगम सिंगरौली के इतिहास में पहली मर्तबा है कि परिषद की बैठक में आयुक्त चोर है मुर्दा बात के नारे लगाए गए। पार्षदों ने यहां नहीं रुके,बल्कि जमीन पर बैठकर आरोप लगाते हुए कहा कि आयुक्त और महापौर की मिलीभगत से शहर कि स्वच्छता और विकास अवरुद्ध हो रहा है।

इस परिषद की बैठक में नगर निगम आयुक्त के साथ-साथ महापौर और एमआईसी के सदस्य पहुंचाना जरूरी नहीं समझा। इसी बात को लेकर पार्षद भड़क गए और निंदा प्रस्ताव पारित करने की मांग करने लगे। हालांकि अध्यक्ष  ने भी महापौर और एमआईसी सदस्य के साथ-साथ आयुक्त के इस गैर जिम्मेदाराना रवैये से नाराजगी जाहिर की है। उन्होंने कहा कि परिषद की बैठक शहर के विकास के लिए होती है।

नगर पालिका निगम सिंगरौली के सभागार में आज सोमवार की दोपहर 12 बजे परिषद की बैठक परिषद अध्यक्ष देवेश पांडेय की अध्यक्षता में राष्ट्रगान के साथ प्रारंभ की गई। राष्ट्रगान गायन के बाद जैसे ही परिषद के एजेंट को लेकर बात होने के लिए अध्यक्ष ने निर्देशित किया तो पार्षदों ने हंगामा शुरू कर दिया। भाजपा और कांग्रेस के पार्षदों ने आज परिषद की बैठक में एक जुट का परिचय देते हुए महापौर आयुक्त और एमआईसी सदस्यों को घेरने लगे।

पार्षद भारतेंदु पांडे ने कहा कि कमिश्नर जो एजेंडा देंगे उसे पर विचार होना चाहिए लेकिन महापौर अपने हिसाब से एजेडा बनाती हैं ।अधिकारियों को परेशान किया जाता है। ढाई साल का कार्यकाल समाप्ति की ओर है लेकिन एक भी एम आई सी के तहत शहर में विकास नहीं दिखाई दे रहा है। परिषद के लिए स्टे लेने गई है। महापौर विकास में रोड़ा बन रही है फाइलों पर दस्तक नहीं हो रहे हैं। शहर का  विकास रुक रहा है। आगे कहा कि एक सप्ताह में मी की बैठक महापौर करती है। क्या निर्णय लेती है इसकी जानकारी आनी चाहिए लेकिन एम आई सी में क्या हो रहा है। किसी को पता नहीं। उन्होंने आगे कहा कि एम आई सी और महापौर परिषद की बैठक में नहीं आई है ऐसे में निंदा प्रस्ताव आना चाहिए।

स्वच्छता की नहीं रूकती फाइल

वार्ड क्रमांक 9 के पार्षद शेखर सिंह ने कहा कि लगता है कि महापौर परिषद से ऊपर चली गई है 27 फरवरी को परिषद की बैठक होनी चाहिए थी लेकिन 3 मार्च को परिषद की बैठक हो रही है। वहीं पार्षद परमेश्वर पटेल ने कहा कि अधिकारी फाइल रोकते हैं या महापौर। शहर के विकास निर्माण कार्यों की फाइलों को महापौर और कमिश्नर रोक रहे हैं। वहीं दूसरी तरफ शहर में कचरे का ढेर लगा है, कचरे का निस्तारण नहीं हो रहा है बावजूद इसके सिटाडेल की कोई फाइल नहीं रुकती है उसका भुगतान समय पर हो रहा है।परिषद बुलाने में 2 माह लग गए। पार्षदों ने एकजुट होकर कहा कि जब तक निंदा प्रस्ताव नहीं आएगा तब तक परिषद की बैठक नहीं चलेगी। परिषद हाल में पार्षदों ने जमीन पर बैठकर कमिश्नर चोर है और मुर्दाबाद के नारे लगाने लगे। हंगामा देखते हुए परिषद अध्यक्ष ने परिषद की बैठक को आधे घंटे के लिए स्थगित कर दिया।

विकास के मुद्दे पर काम होना चाहिए- देवेश
पार्षद भारतेंदु पाण्डेय ने कहा कि महापौर अपने क्रियाकलाप से परिषद को परेशान करने का काम कर रही हैं। नारेबाजी  करने का कोई मकसद नहीं था। उद्देश्य यह था कि विकास के मुद्दे पर काम हो। नगर निगम सिंगरौली विकास की ओर अग्रसर हो। सभी ही यही मंशा है लेकिन आज की  परिषद में महापौर व एमआईसी मेंबर के नहीं होने से परिषद में पार्षदों ने हंगामा करते हुए उसे स्थगित कर दिया है।  

प्रतिनिधि को रखना चाहिए था- शेखर
पार्षद शेखर सिंह ने कहा कि आज की परिषद में न महापौर है और न एमआईसी। यदि महापौर नहीं हैं तो अपने प्रतिनिधि को रखना चाहिए था। ताकि परिषद चल सके। परिषद में विकास कार्यों को लेकर इतने एजेंडे हैं। मानना हैकि अपने प्रतिनिधि को बैठाना चाहिए। जिससे विकासकार्यों को गति मिल सके। शहर का विकास करना चाहती हैं या नहीं। यह तो महापौर ही बता सकती हैं। 
शहर का विकास रोकने का काम कर रही महापौर-सीमा

पार्षद सीमा जायसवाल ने कहा कि जिस उम्मीद से शहर की जनता ने महापौर को चुना है। लेकिन ढाई वर्ष में महापौर ने एक भी काम नहीं किया है। कितनी मुश्किल से परिषद की बैठक होती है जिसमें वार्ड के पार्षद व प्रतिनिधि अपनी समस्या को रखते हैं। लेकिन परिषद की बैठक को रोकने का प्रयास महापौर कर रही है। आने वाले समय में पानी की समस्या शहर में कई स्थानों पर बनती है। यदि परिषद की बैठक नहीं होगी तो समस्या का हल कैसे होगा। 

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