February 11, 2026

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वैराशिटी सप्लाई चैन को श्रम विभाग ने जारी किया नोटिस

सिंगरौली : सरई तहसील स्थिति एपीएमडीसी के सुलियरी कोल ब्लॉक में कोल ट्रांसपोर्ट कर रही वैराशिटी सप्लाई चैन लिमिटेड कंपनी को श्रम विभाग ने नोटिस जारी कर 7 दिन के भीतर जवाब मांगा है। नोटिस जारी होने के बाद कंपनी और लीपापोती पर जुट गई है।

गौरतलब है कि वैराशिटी सप्लाई चैन कंपनी को श्रम विभाग ने नोटिस जारी किया है। चर्चा हैं कि कंपनी श्रमिकों का आर्थिक और मानसिक शोषण कर रही है। कहने को तो श्रमिकों से 8 घंटे काम लिया जा रहा जबकि हकीकत है कि 12 से 14 घंटे तक हाड़ तोड़ मेहनत करने के बाद भी उनका आर्थिक, मानसिक और शारीरिक शोषण होता है। सरई क्षेत्र में लगातार हो रहे सड़क हादसे भी कुछ इसी तरफ इशारा कर रहे।

हादसों के पीछे चर्चा है कि ट्रांसपोर्टर ड्राइवर से 12 से 14 घंटे तक काम ले रहे हैं लिहाजा ड्राइवरों की नींद पूरी नहीं हो पा रही, साथ ही अधिक थकान और शरीर को आराम न मिलने के चलते ड्राइवर गाड़ी से अपना नियंत्रण को देते हैं और सड़क हादसे हो रहे हैं।

सूत्रों का दावा है कि वैराशिटी सप्लाई चैन लिमिटेड कंपनी के पास 157 कोल गाड़ियों से कोयल का परिवहन किया जा रहा हैं। जिसमें करीब 325 ड्राइवर से काम लिया जा रहा है। गाड़ी और ड्राइवर की संख्या से अंदाजा लगाया जा सकता है कि प्रति ड्राइवर 12 से 14 घंटे तक काम लिया जा रहा है। हालांकि चर्चा है कि कंपनी के रवैया से ड्राइवर कुछ दिन काम जरूर करते हैं लेकिन ज्यादा शोषण होने के कारण वह काम छोड़ दे रहे।

नशे में ड्राइवर चला रहे गाड़ियां

सूत्रों की माने तो वैराशिटी कोल ट्रांसपोर्टर के कर्ताधर्ता प्रतिदिन श्रमिकों को प्रताड़ित करते हैं। लिहाजा ड्राइवर अधिक तनाव में होने के कारण गांजा,शराब और मेडिकल नशा करके गाड़ी चला रहे हैं। यदि जांच किया जाए तो करीब 70 फ़ीसदी ड्राइवर शराब के नशे में मिलेंगे। दावा किया जा रहा है कि यही वजह है कि आए दिन सड़क हादसे हो रहे हैं।

नियम कायदों की नहीं है परवाह

श्रमिकों के साथ अन्याय और शोषण ना हो इसके लिए सरकार में श्रम कानून बनाया है। श्रम कानून का उल्लंघन करने पर कठोर सजा का भी प्रावधान है। सूत्रों का दावा है कि कंपनी के कर्ताधर्ता भोपाल स्तर के एक मंत्री का करीबी बताकर मनमानी कर रहे हैं।

इनका कहना है

कंपनी को नोटिस जारी कर 7 दिन के भीतर जवाब मांगा गया है, उचित जबाब नहीं मिलने पर विधि संगत कार्रवाई की जाएगी।

एन.के पाण्डे, प्रभारी सहायक श्रमायुक्त सिंगरौली

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