MP News सिंगरौली : सीएम मोहन यादव जी कोतवाली पुलिस पीड़ित पर ही एफआईआर दर्ज कर रही हैं उसे बचा लीजिए। इस बार एक मारपीट और गाली गलौज से पीड़ित पर ही एएसआई द्वारा एफआईआर दर्ज करने के आरोप लगे हैं। पीड़ित ने एसपी से शिकायत की है कि विवेचक एएसआई ने 5000 रिश्वत लेकर पीड़ित और उसके पिता के ही खिलाफ एफआईआर दर्ज कर दिया है।
मिली जानकारी के अनुसार विवेक कुमार दुबे पिता तुलसीराम दुबे ग्राम पड़खुरी ने खुटार में लिखित शिकायत किया कि पचौर कॉलेज से लौटते समय धतुरा में मोटरसाइकिल से जाते समय धतूरा के रहने वाले मुन्नीलाल उपाध्याय बीच सड़क पर रुकवा कर बिना कोई वजह के मां बहन की गाली देते हुए लाठी डंडे से मारपीट की। शिकायत की जांच एएसआई रजनीश पाठक को दी गई लेकिन एएसआई ने पीड़ित को धमकी दी की दस हजार रिश्वत दो नहीं तो तुम्हारे खिलाफ ही मामला दर्ज कर दूंगा। एएसआई की धमकी से डर कर पीड़ित ने पांच हजार रिश्वत दे भी दिया। बाबजूद इसके एएसआई ने पीड़ित और उसके पिता के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर दिया। MP News
पीड़ित ने कहा पुलिस द्वारा मांगे गए दस हजार रिश्वत नहीं देने पर झूठी एफआईआर दर्ज की गई है। वह एसपी मनीष खत्री से न्याय की गुहार लगाई है। चर्चा है कि यह कोई पहली मर्तबा नहीं है जब एएसआई पर आरोप लगे हैं इसके पहले भी अवैध गांजा और दारू बिक्री के कारोबारियों कुछ संरक्षण देने के आरोप लग चुके हैं। पुलिस के इस रवैया के संबंध में जब एसपी मनीष खत्री और भाजपा विधायक रामनिवास साह से पक्ष जानने का प्रयास किया गया तो दोनों माननीयों ने फोन नहीं उठाया। MP News
कार्रवाई रिश्वत न देने के कारण की गई
पीड़ित ने आरोप लगाए हैं कि मेरे साथ मारपीट हुई गाली गलौज हुआ। मैंने खुटार चौकी में शिकायत की। शिकायत पर मामला दर्ज करने की बजाय एएसआई ने पीड़ित से दस हजार की रिश्वत की मांगी। नहीं देने पर फरियादी के खिलाफ भी मामला दर्ज करने के लिए धमकाया। जब पीड़ित एफआईआर के डर से पांच हजार रूपए रिश्वत दिए। लेकिन बचे हुए पांच हजार रिश्वत की रकम नहीं मिली तो एएसआई ने पीड़ित और उसके पिता के खिलाफ ही एफआईआर दर्ज कर दिया। पीड़ित का आरोप है कि यह कार्रवाई रिश्वत न देने के कारण की गई। MP News
पुलिस और सरकार की छवि हो रही खराब
कोतवाली पुलिस पर रेत और अवैध कारोबारियों से सांठ-गांठ करने के आरोप लगते रहे हैं लेकिन इस बार पुलिस पर पैसे ना देने पर एफआईआर कर देने का जो दाग लगा है वह जन प्रतिनिधियों के कार्य पर भी सवाव खड़े कर रहा हैं। आम पीड़ित लोग जहां पुलिस के पास पहुंच न्याय की उम्मीद करते हैं तो वहीं पुलिस अब पीड़ित पर ही दबाव बनाकर अवैध वसूली करती हैं। ऐसे आरोप से पुलिस प्रशासन और सरकार दोनों की छवि खराब हो रही है। MP News
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