Singrauli News सिंगरौली : निगम क्षेत्र में स्वच्छता अभियान की परीक्षा शुरू हो गयी है. यहां पहुंची केंद्रीय टीम ने सोमवार से शहर का जायजा लेना शुरू करने की बात सामने आ रही है. हालांकि नगर निगम अधिकारी केंद्रीय टीम को हकीकत से दूर रखने की कोशिश में लग गए है। निगम के अधिकारी टीम को गुमराह कर एनसीएल और एनटीपीसी के वार्डो में घूमाएगी जहां चकाचक साफ सफाई हमेशा रहती है। इन वार्डो में नगर निगम साफ सफाई भी नहीं कराता है। वहीं यदि केंद्रीय टीम वार्ड क्रमांक- 2,3,6,8,9,36,41,43,44 सहित 45 के वार्डों में स्वच्छता और ओडीएफ की समीक्षा करेगा तो जमीनी हकीकत सबके सामने आ जाएगी।
मिली जानकारी के अनुसार स्वच्छता सर्वेक्षण के लिए तीन सदस्यीय केंद्रीय टीम यहां कुछ दिनों तक रहेगी. टीम आम नागरिकों से फीडबैक लेने व सफाई व्यवस्था की समीक्षा करेगी. लेकिन शहर में गंदगी की हालत यह है कि सर्वे के लिए केंद्रीय टीम जहां भी जाएगी वहां गंदगी ही गंदगी देखने को मिलेगी। कचरे का संग्रहण जहां फेल नजर आ रहा है तो वहीं निस्तारण के मामले में गनियारी में कचरा का पहाड़ खड़ा हो गया है। Singrauli News
वार्ड नंबर 2 मुहेर और बार्ड – 6 में लोगों के घरों में शौचालय नहीं है लोग खुले में शौच कर रहे हैं। हालांकि नगर निगम अधिकारी अधिक नंबर के लिए केंद्रीय टीम को इन्हीं वार्डों में ले जाकर आम नागरिकों से फीडबैक लेने व सफाई व्यवस्था की समीक्षा कराएंगे। नगर निगम में रैंकिंग के लिए इतने झूठे आंकड़े देते आ रहा है कि यदि सच्चाई सामने आ जाए तो नगर निगम के कई अधिकारियों पर गाज गिरना तय है। केंद्रीय टीम के बारे में नगर निगम कमिश्नर डीके शर्मा से जानना चाहा तो वह पूर्व की तरह इस बार भी फोन नहीं रिसीव किया। Singrauli News
टीम के आते ही नगर निगम हुआ सक्रिय
नगर निगम में सार्वजनिक शौचालय के हालात बद से बदतर रहे हैं, यह बात सार्वजनिक फीडबैक से सामने आ सकते हैं। हालांकि टीम शहर में टॉयलेट, साफ-सफाई आदि को परखेगी। हर साल शहरी क्षेत्रों में स्वच्छता व्यवस्था को और प्रभावी बनाने के उद्देश्य से स्वच्छता सर्वेक्षण किया जाता है.केंद्र सरकार की टीम हर वार्डों का निरीक्षण करेगी. इधर, शहर की गंदगी को ढकने के लिए निगम के अधिकारियों की सक्रियता बढ़ गयी है. अधिकारी से लेकर कर्मचारी तक हर स्तर पर सतर्क दिख रहे हैं. नगर निगम अमला और सिटाडेल केंद्रीय टीम को सर्वेक्षण में बेहतर अंक लाने के लिए हर संभव प्रयास में जुटे हैं। हालांकि टीम कितने दिनों तक रहेगी यह रहस्य बरकरार है Singrauli News
रिपोर्ट के अनुकूल सफाई न मिलने पर होगी अंकों में कटौती
बताया जा रहा है कि पोर्टल पर अपलोड किये गये डाक्यूमेंट्स में किये गये दावों और जमीनी हकीकत में फर्क होने पर निगेटिव मार्किंग होगी. यानी अंक में कटौती हो सकती है. गाइडलाइन के मुताबिक यदि डाक्यूमेंट और फील्ड सर्वे में 20 फीसदी से अधिक का फर्क पाया जाता है, तो अंक कटेगा. यह कटौती विभिन्न स्तर पर होगी. स्वच्छ सर्वेक्षण के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए नगर निगम को खाली पड़े भू-भाग, नालों की सफाई, कचरा प्रबंधन, उठाव, जल निकासी आदि पर ध्यान देना देना था. गली-मोहल्लों और वार्डों की जाम नालियों व मुख्य नालों की सफाई कराना जरूरी है. लेकिन नगर निगम क्षेत्र में खाली पड़ी भूभाग में कचरे का ढेर लगा हुआ है ऐसे में स्वच्छता सर्वेक्षण में नगर निगम को अंक लाने में सौ-फीसदी नुकसान होना तय माना जा रहा है। Singrauli News
कचरे का संग्रहण और निस्तारण नहीं होने से होगा नुकसान
शहर में लचर सफाई व्यवस्था और निगरानी नहीं होने से स्वच्छता सर्वेक्षण के अंक का ग्राफ गिरने की संभावना बढ़ गई है। कचरा निस्तारण व घर-घर कचरा संग्रह की अव्यवस्था के कारण शहर स्वच्छता सर्वेक्षण अंक पाने में नुक्सान होना तय माना जा रहा है. निगम सफाई व्यवस्था पर करोड़ों रुपये खर्च करता है. वार्डों से लेकर शहर से कूड़ा संग्रहण व डंपिंग कार्य के लिए सिटाडेल को जिम्मेदारी दी गई है। बावजूद इसके घर-घर कचरा संग्रह, गलियों से कूड़ा उठाव और निस्तारण की व्यवस्था को निगम प्रशासन दुरुस्त नहीं कर सका.
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