Singrauli news सिंगरौली । ईओडब्ल्यू में हुई भ्रष्टाचार की शिकायत के आरोप से घिरे महिला बाल विकास अधिकारी राजेश राम गुप्ता इन दिनों सुर्खियों में है। वजह एक महिला को धमकी भरा व्हाट्सएप चैट हैं,जिसमें वह लिखते हैं कि मिलने आ जाओ नहीं तो वह प्रलय भी ला सकते हैं और खुशियां भी। आंगनबाड़ी केंद्रों के लिए खरीदे गए साउंड बॉक्स को मार्केट दर से करीब चार गुना अधिक रेट पर खरीद कर भ्रष्टाचार की एक नई इवारत लिखी गई हैं। हालांकि वह ईओडब्ल्यू के रडार पर है। सूत्र बताते हैं कि डीपीओ खुद को घिरता देख अब सरकार से जुड़े लोगों सहित प्रभारी मंत्री का करीबी बताकर उन्हें भी बदनाम कर रहे हैं।
बता दें कि महिला बाल विकास अधिकारी पर कैरेक्टर ढीला होने के आरोप लगते रहे हैं । बीच-बीच में फोटो और वीडियो भी वायरल हुआ लेकिन उन्हें जरा सा भी फर्क नहीं पड़ा। हालाकि यह उनका निजी मामला है। लेकिन इन दोनों आंगनबाड़ी केंद्रों के लिए खरीदे गए साउंड बॉक्स पर भ्रष्टाचार के आरोप उन पर लग रहा है। दरअसल एनसीएल के दुधीचुआ परियोजना एवं महिला बाल विकास के बीच आंगनगाड़ी केन्द्रों को आदर्श आंगनबाड़ी केन्द्र बनाने के लिये अनुबंध हुआ था। इसके लिये करोड़ों रूपये एनसीएल परियोजना दुधीचुआ के सीएसआर के मद से प्राप्त हुये थे। यह राशि महिला एवं बाल विकास विभाग को पिछले वर्ष मिला था। Singrauli news
जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास ने व्यापक पैमाने पर सीएसआर राशि का बंदरबाट कर लिया है। सूत्र बताते हैं कि डीपीओ के इशारे में बाजार में मिलने वाले 5 हजार रुपए के साउंड बॉक्स को करीब 19446 का नया स्पीकर खरीदा गया है। जबकि उस बॉक्स में वास्तविक दर 9 हजार 9 सौ 99 रूपये है। वही ऑनलाइन बाजार जैसे फ्लिपकार्ट और अमेजॉन में पर इस साउण्ड बाक्स की दर 5499 रूपये है।
सीईओ के साथ गांठ की चर्चा
कहते हैं कि सैया भाई कोतवाल तो अब डर काहे का। दरअसल जिला पंचायत सीईओ ने डीपीओ को अनुबंध स्वीकृत कार्य के अनुरूप कार्य नहीं करने और मनमानी तरीके से सामग्री क्रय करने का नोटिस देकर जवाब मांगा था। लेकिन नोटिस का जवाब मिला या नहीं यह अभी रहस्य है । डीपीओ पर कोई कार्यवाही नहीं होना जिला पंचायत सीईओ को भी कटघरे में खड़ा कर रहा है। सूत्र बताते हैं कि डीपीओ से मोटी रकम लेकर जिला पंचायत सीईओ ने भी फाइल को तिजोरी में बंद कर दिया। Singrauli news
चहेते फर्म को लाभ पहुंचाने का लगे आरोप
डीपीओ पर चहते फर्म को लाभ पहुंचाने के आरोप लगाए गए हैं। आंगनबाड़ी केंद्र के लिए एलवन फर्म विनिश्मा टेक्नोलॉजी प्रायवेट लिमिटेड द्वारा उपरोक्त सामग्री राशि रूपये 2 करोड़ दस हजार में प्रदान किया जा रहा था। किन्तु डीपीओ मनचाही फर्म मेसर्स आदित्य इंटरप्राईजेज इन्दौर से दो गुनी कीमत राशि रूपये 3 करोड़ 82 लाख 80 हजार 8 सौ पर सामग्री का क्रय किया गया। सूत्र बताते हैं कि डीपीओ ने भ्रष्टाचार करके करोड़ों की बेनामी संपत्ति बनाई है। Singrauli news
सीडीआर और व्हाट्सएप चैट से खुलेगी पोल
महिलाओं के जीवन में प्रलय और खुशियां लाने वाले डीपीओ पर भ्रष्टाचार कर करोड़ों की बेनामी संपत्ति बनाने किसी शिकायत की गई है। डीपीओ के व्हाट्सएप चैट में महिलाओं को धमकी भरे मैसेज शिकायतों को जोर भी दे रहे। लेकिन ऊंचे पदों पर बठे अधिकारियों की भी संवेदनाएं शून्य हो गई है और वह भी पैसे लेकर अपनी आंखें भले जरूर बंद कर लिए हैं लेकिन आमजन में चर्चाएं अभी भी है कि आखिर ऐसे भ्रष्ट और कैरेक्टर के अधिकारियों पर कार्यवाही क्यों नहीं हो पा रही। यदि डीपीओ के सीडीआर और व्हाट्सएप चैट की जांच की जांए तो करोड़ों रुपए की ब्लैक मनी और महिलाओं के साथ हुई ज्यादतियों का भंडाफोड़ हो सकता है।
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