सिंगरौली।जिले के सरई एवं चितरंगी तहसील क्षेत्र के बगदरा अंचल में ओलावृष्टि हुई है और क्षेत्र में जमकर बारिश हुई है। इस ओलावृष्टि से रबी फसल, दलहनी, तिलहनी फसलों को भारी नुकसान होने का अनुमान लगाया जा रहा है। वही बैढ़न इलाके में आसमान में घनघोर बादल मड़रा रहे थे और चमक गरज, बूंदाबांदी का दौर जारी था।
गौरतलब है कि जिले में पिछले 48 घंटे से मौसम ने करवट बदला है। बुधवार एवं गुरूवार की रात व शाम के वक्त बैढ़न अंचल सहित कई हिस्सों में बूंदाबांदी हुई थी। लेकिन गुरूवार एवं शुक्रवार की मध्य रात करीब 2 से 3 बजे की बीच तेज तूफान, चमक गरज के साथ करीब 15 मिनट तक बारिश हुई है। वही सुबह 9 बजे भी बूंदाबांदी होने से रबी फसल दलहन, तिलहन फसलों को नुकसान होने का अनुमान जताया जा रहा है। साथ ही आम के बौर, महुआ फूल को भी काफी नुकसान होने का अंदेशा जताया जा रहा है।
इधर आज पूरे दिन सूर्य देवता के दर्शन भी नही हुये। आसमान में काले बादल मड़रा रहे थे और शाम ढलते ही चितरंगी तहसील के बगदरा अंचल, कुलकवार, लोहदा, बगदरा सहित आसपास के गांव में तेज तूफान बारिश हुई और साथ में 10 ग्राम वजन के ओले भी गिरे। इस ओलावृष्टि से फसलों को भारी नुकसान हुआ है। साथ ही आम के बौर व महुआ फूल झड़ गये हैं।
चितरंगी क्षेत्र के सोनतीर इलाका फुलकेश, गांगी, खैरा, चिकनी, हरमा, माची, बिछी, नौडिहवा, तमई, क्योटली, खैडार, बरवाडीह सहित कई गांव में तूफान के साथ मूसलाधार बारिश इस तरह हुई की जैसे भादौमास में बारिश होती है। बेमौसम बारिश व तूफान से अन्नदाताओं की चिंताएं बढ़ गई हैं। वहीं किसानों का मानना है कि बेमौसम बरिश व तूफान तथा ओलावृष्टि से फसलों को भारी क्षति हुई है और किसानों में हाये तौबा मच गई है।
सरई अंचल में ओले ने मचाई तबाही
समूचे जिले में मौसम ने बदलाव आया है। बताया जाता है कि बरका, सरई, झारा इलाके में तेज बारिश के साथ बन्टी के आकार के ओले भी गिरे हैं। इस ओले के गिरने एवं बारिश होने से फसलों में भारी नुकसान हुआ है। वही देवसर क्षेत्र में रूक-रूक कर दो दिनों से बारिश का दौर जारी है। जिससे फसलों को भारी नुकसान हुआ है। वही बगदरा अंचल में तेज बारिश व ओले गिरे हैं और सोनतीर इलाके में भारी बारिश हुई है।
चितरंगी अंचल में रूक-रूक कर हो रही तेज बारिश
चितरंगी तहसील क्षेत्र में मौसम के बदलाव के बाद बीते दिन गुरूवार से ही रूक-रूक कर बूंदाबांदी का दौर चलता रहा। वही रात में और आज शाम को भी तेज बारिश ने खलिहानों में रखी फसलों को नुकसान पहुंचाई है। साथ ही आज दिन शुक्रवार को भी बूंदाबांदी का दौर चलता रहा। खैरा गांव के कृषक हजारी केवट, कैलाश कोईरी, जसी कोल, फुलकेश गांव के सुखसैन ने बताया कि इस बेमौसम बारिश का असर रबी व दलहनी-तिलहनी फसल पर व्यापक तौर पर हुआ है। अब खलिहान में रखे फसलों के सड़ने का डर सता रहा है।
इनका कहना है
बगदरा अंचल में बारिश होने एवं ओले गिरने की जानकारी मैदानी अमले से मिली है। कल शनिवार को सर्वे कराया जाएगा। सर्वे के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जावेगी।
ऋषिनारायण सिंह, तहसीलदार, चितरंगी
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