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बिना महापौर दस्तखत के परिषद पहुंचा बजट,कचरे से कंपनी व अफसर हो रहे मालामाल, भोपाल स्तर पर पहुंची शिकायत 

सिंगरौली। नगर निगम में आज हुई बैठक हंगामा के साथ शुरू हुई, बजट में महापौर और एमआईसी सदस्य के दस्तखत नहीं देख पार्षद एक साथ बजट पर नाराज हो गए। साथ ही कहां की महापौर और परिषद अधिकार क्षेत्र से बाहर जाकर निर्णय ले रहे हैं। हालांकि अधिकारी भी महापौर के कई फैसलों को गलत ठहराया और ऐजेंडे से बाहर कर दिया। महापौर पर अधिकारियों के खिलाफ काम करने के भी आरोप लगे हैं।

शहर में डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण, परिवहन व प्रशंसकरण सहिन निष्पादन के लिए नगर निगम सिटाडेल कंपनी को काम दिया है। शहर की गंदगी देख लोग कंपनी और नगर निगम के अफसरों पर स्वच्छता में गठजोड़ साफ दिख रही है, सिटाडेल स्वच्छता का बिल लगाता है और अधिकारी बिना कुछ देखे बिल पास कर देते हैं, कचरे के खेल में कबड्डी के साथ सब मालामाल हो रहे हैं। इस काम में भ्रष्टाचार करने की शिकायतें कई बार हुई है। अब स्वच्छता नोडल अधिकारी आज से रिटायर हो गए। हालांकि रिटायर्ड होते ही सोशल मीडिया में लोग अपनी अलग-अलग तरह की प्रक्रिया दे रहे हैं। 

भ्रष्टाचार की जांच के साथ रिटायर हो गए उपाध्याय

नगर निगम में फाइल गुमने तो कभी स्वच्छता के नाम पर आरोप लगाते रहे हैं। लेकिन अब कचरा घोटाला के नाम पर मनमानी चल रही है। कचरा संग्रहण, परिवहन व प्रशंसकरण सहिन निष्पादन के शर्तों का पालन नहीं हो रहा है। हां हर महीने एक करोड़ 30 लाख रुपए खर्च जरूर किए जा रहे हैं। यह मामला परिषद में कई पार्षद उठा चुके हैं । वही आज परिषद महज 25 मिनट तक चली, हंगामें के साथ चार दिनों के लिए स्थगित हो गई।  

नगर निगम में देर से हुआ सम्मान पर चर्चा

इस दौरान लोगों में चर्चा थी कि कार्यपालन यांत्रिक बीपी उपाध्याय रिटायर्ड हो गए हैं, रिटायरमेंट में नगर निगम से जो सम्मान की अपेक्षा किए रहे होंगे उससे कमतर ही था। हालांकि आज करीब 3:00 बजे नगर निगम में सम्मान समारोह आयोजित हुआ। जहां अधिकारी कर्मचारी और पार्षद माल्यार्पण और पुष्प गुच्छ देकर उज्जवल भविष्य के लिए शुभकामना दी। वह चर्चा थी कि यह विदाई समारोह पार्षदों की अगुवाई में हुआ है।

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