Singrauli News सिंगरौली, मध्यप्रदेश जिला अस्पताल ट्रामा सेंटर में एक बार फिर लापरवाही ने एक मासूम की जान ले ली। समय रहते इलाज नहीं मिलने से बच्चे की मौत हो गई। परिजन सदमे में हैं, बताया जा रहा है कि अस्पताल में इलाज ठीक से नहीं हुआ। इलाज के दौरान परिजनों को एक शख्स ने एक निजी अस्पताल – साई हॉस्पिटल का विजिटिंग कार्ड थमाते हुए जाने की सलाह दे रहा था।
स्थानीय प्रशासन से न्याय की गुहार लगा रहे हैं। परिजनों का आरोप है कि ट्रामा सेंटर अस्पताल प्रशासन और डॉक्टरों की लापरवाही के चलते बच्चे की मौत हुई। समय रहते इलाज किया गया होता, तो शायद मासूम की जान बच सकती थी। Singrauli News
हैरत की बात यह है कि जब परिजन इलाज की गुहार लगा रहे थे, तब अस्पताल में मौजूद एक शख्स उन्हें एक निजी अस्पताल – साई हॉस्पिटल का विजिटिंग कार्ड थमाते रहे। वहा मौजूद लोग भी प्राइवेट अस्पताल में बेहतर इलाज होने की भी बात कह रहें थे। आरोप तो यहा तक है कि ये लोग एम्बुलेंस लेकर आए थे और लगातार साई हॉस्पिटल ले जाने की सलाह दे रहे थे। Singrauli News
सूत्रों बताते है कि यह एक दलाल नेटवर्क चलाता है, जो गंभीर मरीजों को प्राइवेट अस्पतालों में रेफर करवाने के लिए अस्पताल परिसर में सक्रिय रहता है। उसको प्राइवेट अस्पताल बाले मोटा कमीशन कराते हैं। चर्चा हैं कि ट्रामा सेंटर में उस वक्त ऑपरेशन कर रही एकमात्र डॉक्टर रेखा पटेल वही डॉक्टर हैं जो साई हॉस्पिटल में भी नियमित रूप से बैठती हैं।
यानी जिस निजी अस्पताल का दलाल उस वक्त किया जा रहा था , डॉक्टर जिला अस्पताल में सेवा दे रही थीं, लेकिन उस समय मरीज के परिजनों को सहीं इलाज देने के बजाय उन्हें निजी अस्पताल भेजने की कोशिश की गई। यह पूरा मामला सिर्फ एक बच्चे की मौत नहीं, बल्कि सरकारी स्वास्थ्य प्रणाली की जर्जर स्थिति और निजी हितों की साजिश को उजागर करता है। Singrauli News
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