आलेख – श्रीकांत द्विवेदी
Singrauli News सिंगरौली। जिले भर में ग्राम पंचायतो में निर्माण कार्यों के नाम पर जमकर अनियमितता की जा रही है आम जनता कलेक्टर व जिला पंचायत सीईओ से शिकायत तो कर रही है लेकिन जांच के नाम पर कोरमा पूर्ति का खेल चल रहा है ऐसा ही मामला जनपद पंचायत बैढ़न के ग्राम पंचायत बड़गड़ में देखने को मिला है।
जहां जेसीबी मशीन से चेक डैम का निर्माण एवं पुलिया सड़क निर्माण कार्य किया जा रहा है यहां तक की मजदूरों का फर्जी मस्टर रोल तैयार कर शासन की राशि में सेंधमारी की गई है। जिसकी शिकायत कलेक्टर से की गई है।
गौरतलब हो कि जिले भर में पंचायत में निर्माण कर हुए हैं और हो भी रहे हैं। कभी विधायक मद तो कभी सांसद मद या फिर डीएमएफ फंड से निर्माण कार्य हो रहे हैं कोई ऐसी जिले की पंचायत नहीं है जहां निर्माण कार्य के लिए बजट न दिया गया हो। लेकिन अधिकांश पंचायतो में महज कोरमपूर्ति की गई है। या फिर कागजों में ही निर्माण कार्य दफन हो गए हैं। Singrauli News
चितरंगी जनपद पंचायत के कई ऐसे पूर्वी क्षेत्र के गांव हैं जहां जनप्रतिनिधियों के इशारों पर भ्रष्टाचार का खेल खेला गया है। इस पूरे खेल में जनपद चितरंगी के जिम्मेदार अधिकारियों ने भी सहभागिता निभाई है। अगर सही तरीके से जांच हो जाए तो कई ऐसे मामले खुलकर सामने आएंगे जो चौका देंगे। कुछ ऐसा ही खेल जनपद बैढ़न के ग्राम पंचायत बड़गड़ में देखने को मिल रहा है। जहां विभिन्न मदों से सड़क पुलिया एवं चेक डैम का निर्माण कार्य कराया जा रहा है जिसमें शासकीय मानकों को दरकिनार कर कार्य कराया जा रहा है। Singrauli News
कलेक्टर को दिए आवेदन में बताया गया है कि सड़क में बिना डब्ल्यूबीएम एवं डीएलसी किए 6 इंच की कंक्रीट किया गया है जबकि पुलिया में सरिया डालना अनिवार्यता बताया जाता है लेकिन निर्माण एजेंसी द्वारा किसी मानक को नहीं अपनाया गया है। इसके अलावा ग्राम पंचायत में जेसीबी मशीन से रात में डबरी का निर्माण कार्य किया गया है एवं फर्जी तरीके से ग्रामीण एवं अन्य मजदूरों का नाम मस्टर रोल तैयार कर शासन के पैसे की जमकर बंदर बाट की गई है। Singrauli News
शिकायत पर होती है उगाही
सूत्रों की बातों पर गौर करें तो जिले की ग्राम पंचायतो में निर्माण कार्यों के नाम पर जमकर सरकारी राशि का दुरुपयोग किया जा रहा है। अगर आम नागरिक जिला पंचायत के जिम्मेदार अधिकारियों से शिकायत करती है और संबंधित विभाग को जिम्मेदार अधिकारी शिकायत पर जांच करने की बात तो कहते हैं लेकिन हकीकत यह है कि संबंधित विभाग के कनिष्ठ अधिकारियों के द्वारा अनियमितता करने वाले लोगों को फोन कर कहा जाता है कि उक्त व्यक्ति ने शिकायत किया है आकर मिल लो, नहीं तो जांच के लिए लिखा गया है और अगर जांच हो गई तो निपट जाओगे। ऐसे में भला कैसे जांच होगी और भ्रष्टाचार पर लगाम कैसे कसा जाएगा। Singrauli News
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