February 11, 2026

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सीएम से 97.67 लाख के कीटाणुरोधी दवाई खरीदी की होगी शिकायत, डीईओ की बढ़ सकती हैं मुश्किलें

सिंगरौली : सीएम डाक्टर मोहन यादव का 4 जुलाई को एक दिवसीय दौरा प्रस्तावित होने के बाद डीईओ की चिंता बढ़ा दी है। चर्चा है कि बिना जरुरत के शिक्षा विभाग द्वारा करीब 97.67 लाख के कीटाणुरोधी गोलियां और स्प्रे की खरीदी की है। जबकि हालत यह है कि 90 फ़ीसदी स्कूलों के शौचालय में पानी की व्यवस्था न होने से उपयोग नहीं हो रहा है। वही आरोप लगाए जा रहे हैं कि खरीदे गए कीटाणुरोधी दवाइयां बाजार मूल्य से कई गुना अधिक कीमत पर खरीदे गए हैं। सरकारी पैसों के दुरुपयोग को लेकर मुख्यमंत्री से शिकायत करेंगे।

बता दें कि सीएम मोहन यादव एक दिवसीय दौरे पर सिंगरौली पहुंच रहे हैं। चर्चा है कि डीईओ की कीटाणुरोधी दवाइयों की खरीदी को लेकर सीएम से शिकायत की जाएगी। दरअसल अधिकतर सरकारी स्कूलों में पानी के अभाव में शौचालय बंद होने के बावजूद जिला शिक्षा अधिकारी ने कीटाणुनाशक दवाइयां बाजार मूल्य से अधिक दामों में खरीदें हैं।

जिले भर के स्कूलों के लिए कीटाणुरोधी गोलिया सोडियम डायक्लोआइसोस्यान्यूरेट (एनएडीसीसी) व स्प्रे की जेम पोर्टल से 97 लाख 67 हजार 790 रुपये की खरीदी की गई है। ऐसे में ये सवाल उठने लगा है कि शिक्षा विभाग करोड़ों रुपए से कीटाणुरोधी गोलिया और स्प्रे की भारी मात्रा खरीद कर कहा इस्तेमाल करेगा। वही यदि जिम्मेदार यह कहे की इनका उपयोग स्कूलों में किया जाएगा, तो सवाल यह है कि जिले के अधिकतर स्कूलों में शौचालय की व्यवस्था की जरूर गई है लेकिन पानी की व्यवस्था नहीं होने से शौचालय में या तो ताला बंद है या फिर उसका इस्तेमाल नहीं किया जाता।

या यूं कहें कि शौचालयों की व्यवस्था इस स्तर की नहीं है कि उनके लिए कीटाणुरोधी गोलियों व स्प्रे के उपयोग की जरूरत हो. वहीं विभागीय सूत्रों का दावा है कि कीटाणुरोधी गोलियां और स्प्रे खरीदी में बड़ा गड़बड़ झाला है। अधिकारियों ने सरकारी रूपयों का बंदरबांट करने का यह नया तरीका है।

डीईओ की बढ़ सकती हैं मुश्किलें!

कीटाणुरोधी दवाइयों के खरीदी में अनियमितता की शिकायत के बाद डीईओ की मुश्किलें बढ़ सकती है। शिक्षा विभाग के जिम्मेदार अधिकारी बिना जरूरत के कीटाणुरोधी गोलियां और स्प्रे की खरीदी की। विभाग ने सोडियम डाइक्लोरोआइसोसाइन्यूरेट (एनएडीसीसी) की गोलियों के अलावा कुल 8 लाख 50 हजार रुपये की लागत से 558 स्प्रे बॉटल भी खरीदी गयी हैं और प्रत्येक स्प्रे बॉटल की कीमत 1525 रुपये की है, जबकि इस प्रकार के कार्य के लिए स्प्रे बॉटल मार्केट में 150 से 300 रुपये की सामान्य दरों से मिलने लगती हैं।

इनका कहना है

सरकारी स्कूलों में शौचालय शोपीस बने हैं, जब पानी की व्यवस्था ही नहीं फिर कीटनाशक दवाइयां कहां उपयोग होगा,बाजार कीमत से कई गुना अधिक पर कीटाणुरोधी दवाइयां खरीदी गई है, दवाई खरीदी में शिक्षा विभाग सरकारी पैसों का बंदरबांट किया है।

ज्ञानेंद्र सिंह, ज्ञानू, कांग्रेस प्रदेश उपाध्यक्ष, परिवहन प्रकोष्ठ

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