February 11, 2026

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Coal washery : महावीर कोल वाशरी के पानी से जमीन हो गई बंजर

Coal washery सिंगरौली : गोरबी चौकी क्षेत्र अंतर्गत एनसीएल की गोरवी कोयला खदान संचालित है, जहां महावीर कोल वासरी कोयला धुलाई का काम दशकों से कर रहा है। काले पानी से नौंढ़िया और महदेइया के लोगो की परेशानी कम होने के बजाय बढ़ गई है।

महावीर कोल वासरी का गंदा पानी इतना बढ़ गया कि अब वह नाले में तब्दील हो रही है। इससे लोगों की समस्या बढ़ने के साथ-साथ जमीन भी बंजर हो रही हैं।
कोल वाशरी संचालन में सुरक्षा नियमों का भी पालन नहीं हो रहा। Coal

बता दें कि गोरबी ब्लांक बी खदान के चलते वैसे भी इलाके में जल स्तर पाताल लोग पहुंच गया है। वहीं महावीर कोल बासरी से निकलने वाले कोयला युक्त पानी में खतरनाक रसायन होंने की चर्चा लोगों की चिंता जरूर बढ़ा रही हैं। कहते हैं कि यही वजह है कि पानी का रंग काला दिखाई देता है। Coal

गांव वालों का कहना है कि यहां पानी पीने लायक तक नहीं बचा है। अब तो आंख धोनें के लायक भी नहीं बचा। हालांकि मजबूरी में छानकर लोग मुंह धोने के साथ पीने को भी मजबूर है। ग्रामीणों का आरोप हैं की महावीर कोल बासरी ने निकला कोयला कई एकड़ खेतों में पहुंच गया है, धूप होने पर कोयला का डस्ट पूरे इलाके में उड़कर घर और पेड़-पौधों पर पहुंच रही है।

एनसीएल और पर्यावरण विभाग की मौंन स्वीकृत

वाशरी स्थापित करने से पहले, पर्यावरणीय मंजूरी लेना अनिवार्य रहता है। जिसमें वायु, जल और भूमि प्रदूषण नियंत्रण प्राप्त करना संचालक की रहती है। वासरी संचालकों पर पर्यावरण विभाग का नियंत्रण रहता है लेकिन कोल बांसरी से निकला काला पानी देख कर अंदाजा लगाया जा सकता है कि जिम्मेदारों ने प्रदूषण और स्थानीय लोगों के स्वास्थ्य के प्रति कितना संजीदगी दिखाई । Coal

कई बार शिकायत होने के बाद भी एनसीएल और पर्यावरण विभाग मौन धारण किए हुए हैं। जबकि कोल वाशरी संचालन में सुरक्षा नियमों का पालन करने के साथ प्रशिक्षित कर्मचारियों को सुरक्षा उपकरणों के साथ काम कराया जाता है।

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