|
Breaking News
Singrauli News : रास्ते से अचानक लापता हुए 35 वर्षीय अरुण, छह दिन बाद भी खाली हाथ परिजनSingrauli News : पहले पत्नी की संदिग्ध मौत, अगले दिन पति का शव फंदे पर; चार मासूम बच्चों के सिर से उठा सायाSingrauli News : सतना तबादला, यहां से रिलीव फिर भी आमद नहीं! अरुण सिंह की भूमिका पर जयंत में सवालतहसीलदार के आदेश पर भी नहीं हटा कब्जा, गौचर भूमि में फिर शुरू खेती, जनसुनवाई में हुई शिकायतकलेक्ट्रेट के सामने बाइक चोरी, CCTV और सुरक्षा व्यवस्था पर उठे बड़े सवाल, दस्तावेज-नकदी गायबतबादले की गुहार बनी मौत की वजह! सुसाइड नोट ने पुलिस सिस्टम की संवेदनहीनता उजागर कीCM साहब मंत्री के दो दौरे के बाद भी जयंत चौकी बेप्रभारी; तबादला उद्योग पर मंत्री की चुप्पी ने बढ़ाया रहस्य, ASI पर वसूली की चर्चाप्रभारी मंत्री के निशाने पर नगर निगम,अफसरों को 10 दिन का अल्टीमेटम,नहीं होगी कार्रवाई, महापौर-आयुक्त के बीच सौहार्दहीनता पर मंत्री ने उठाए सवालSingrauli News : रास्ते से अचानक लापता हुए 35 वर्षीय अरुण, छह दिन बाद भी खाली हाथ परिजनSingrauli News : पहले पत्नी की संदिग्ध मौत, अगले दिन पति का शव फंदे पर; चार मासूम बच्चों के सिर से उठा सायाSingrauli News : सतना तबादला, यहां से रिलीव फिर भी आमद नहीं! अरुण सिंह की भूमिका पर जयंत में सवालतहसीलदार के आदेश पर भी नहीं हटा कब्जा, गौचर भूमि में फिर शुरू खेती, जनसुनवाई में हुई शिकायतकलेक्ट्रेट के सामने बाइक चोरी, CCTV और सुरक्षा व्यवस्था पर उठे बड़े सवाल, दस्तावेज-नकदी गायबतबादले की गुहार बनी मौत की वजह! सुसाइड नोट ने पुलिस सिस्टम की संवेदनहीनता उजागर कीCM साहब मंत्री के दो दौरे के बाद भी जयंत चौकी बेप्रभारी; तबादला उद्योग पर मंत्री की चुप्पी ने बढ़ाया रहस्य, ASI पर वसूली की चर्चाप्रभारी मंत्री के निशाने पर नगर निगम,अफसरों को 10 दिन का अल्टीमेटम,नहीं होगी कार्रवाई, महापौर-आयुक्त के बीच सौहार्दहीनता पर मंत्री ने उठाए सवाल

कुमार विश्वास के बाद धीरेंद्र शास्त्री का यूजीसी कानून पर विस्फोटक बयान: सरकार से अपील- बांटने नहीं, जोड़ने की जरूरत है

छतरपुर, मध्य प्रदेश: मुंबई के भिवंडी में आयोजित एक कार्यक्रम में कथावाचक और पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने यूजीसी कानून को लेकर अपने विचार साझा किए। इस अवसर पर उन्होंने देश में समानता और एकता पर जोर देते हुए कहा कि भारत में किसी भी तरह की असमानता या भेदभाव नहीं होना चाहिए।

धीरेंद्र शास्त्री ने स्पष्ट रूप से कहा,भारत में न कोई अगड़ा हो और न कोई पिछड़ा। यहां केवल भारतीय होने की भावना ही सर्वोपरि होनी चाहिए। उन्होंने सरकार से अपील करते हुए कहा कि कानूनों और नीतियों के माध्यम से जनता को बांटने की बजाय जोड़ने की आवश्यकता है। उनका कहना था कि यूजीसी कानून को इस दृष्टि से लागू किया जाए कि सभी उच्च शिक्षा संस्थानों में समानता बढ़े और कोई भी वर्ग या समुदाय हाशिए पर न रहे।

धीरेंद्र शास्त्री ने अपने संबोधन में यह भी कहा कि देश की एकता और अखंडता बनाए रखना ही सच्चा राष्ट्रधर्म है। उन्होंने उपस्थित छात्रों और नागरिकों से अपील की कि वे हमेशा अपने देश को पहले स्थान पर रखें और किसी भी प्रकार की सामाजिक या शैक्षणिक असमानता को बढ़ावा न दें।

कवि कुमार विश्वास के बाद अब धीरेंद्र शास्त्री का यूजीसी पर यह बयान सुर्खियों में है। उनका यह संदेश समाज और सरकार दोनों के लिए स्पष्ट संकेत है कि शिक्षा और नीतियों का उद्देश्य केवल लोगों को जोड़ना और समान अवसर देना होना चाहिए।
कार्यक्रम में उपस्थित नागरिकों ने धीरेंद्र शास्त्री की बातों का स्वागत किया और इसे शिक्षा क्षेत्र में समानता को बढ़ावा देने वाली दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया।

शेयर करें

सिंगरौली जिले को कौन चला रहा

लेटेस्ट खबरें

संबंधित समाचार