सिंगरौली। कलेक्ट्रेट सभागार में रविवार की समीक्षा बैठक में प्रभारी मंत्री संपत्तिया उईके ने नगर निगम पर तीखी चेतावनी दी और महापौर‑आयुक्त के बीच चल रही तकरार को जनहित के ऊपर भारी बताते हुए सीधे सवाल दागे। मंत्री ने कहा कि सिविक सेंटर से लेकर स्ट्रीट लाइट तक के अधूरे काम शहरवासियों की रोजमर्रा की समस्याएँ बढ़ा रहे हैं, इसलिए अधिकारियों को 10 दिन का अल्टीमेटम दिया जा रहा है; निपटारा नहीं हुआ तो कार्रवाई होगी।
प्रभारी मंत्री ने कहा कि कि सिविक सेंटर का निर्माण अब तक शुरू क्यों नहीं हुआ। सड़क और नाली निर्माण कार्य अधूरे क्यों हैं, गनियारी व्यवसाय प्लाजा की जांच प्रतिवेदन लंबित क्यों हैं और शहर की खराब पड़ी स्ट्रीट लाइटों की मरम्मत अब तक क्यों नहीं कराई गई। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि 10 दिनों के भीतर सभी लंबित कार्य पूर्ण कराए जाएं, अन्यथा संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।
बैठक के दौरान उन्होंने महापौर और नगर निगम अधिकारियों को आपसी समन्वय से कार्य करने की भी नसीहत दी। समीक्षा के दौरान लापरवाह ठेकेदारों पर की गई कार्रवाई की भी जानकारी ली गई। ननि आयुक्त सविता प्रधान ने बताया कि करीब 15 ठेकेदारों पर कार्रवाई करते हुए उनसे जुर्माना भी वसूला गया है। वहीं बैठक में यह मुद्दा भी उठा कि विकास कार्यों में अपेक्षित सहयोग नहीं मिल रहा है। आयुक्त ने कई मामलों में महापौर के सहयोग नहीं मिलने की बात कही।
बैठक में नगर निगम की कार्यशैली, अधूरे विकास कार्य और निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हुए। लंबे समय से लंबित योजनाओं और बुनियादी सुविधाओं की बदहाल स्थिति ने शहर के विकास दावों की भी पोल खोल दी। अब निगाहें इस बात पर हैं कि 10 दिन की चेतावनी के बाद वास्तव में सुधार होता है या यह निर्देश भी केवल बैठकों तक सीमित रह जाता है।