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Singrauli News : प्रभारी मंत्री की प्रेस वार्ता बनी एकतरफा, पत्रकारों के सवालों का पर ज़वाब देने के बजाय बोलीं मोबाइल बंद करो

सिंगरौली : शनिवार को एनटीपीसी विन्ध्यनगर स्थित सूर्या भवन में आयोजित प्रेस वार्ता में प्रभारी मंत्री एवं लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री श्रीमती सम्पतिया उइके ने केंद्र सरकार की विकसित भारत-जीरामजी अधिनियम 2025 योजना को लेकर विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने कहा कि यह योजना मनरेगा से कई गुना बेहतर है, जिससे ग्रामीणों को 125 दिनों का रोजगार, समय पर भुगतान एवं ब्याज सहित मजदूरी का लाभ मिलेगा। उन्होंने दावा किया कि यह योजना ग्रामीण आत्मनिर्भरता और पारदर्शिता की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी।

मंत्री उइके ने बताया कि जीरामजी अधिनियम के तहत ग्राम सभाओं को विकास योजनाएं तय करने की पूरी स्वतंत्रता दी गई है, जिससे गांवों की स्थानीय जरूरतों के अनुरूप काम किए जा सकेंगे। योजना में जल संरक्षण, ग्रामीण अधोसंरचना, आजीविका संवर्धन और जलवायु परिवर्तन से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता दी जाएगी। उन्होंने इसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत 2047 विजन की दिशा में एक ठोस कदम बताया और कहा कि यह अधिनियम भ्रष्टाचार मुक्त ग्राम पंचायतों की स्थापना और सुशासन को मजबूती देगा।

हालांकि प्रेस वार्ता उस समय एकतरफा नजर आई जब पत्रकारों ने स्थानीय मुद्दों पर सवाल उठाने की कोशिश की। एनटीपीसी परियोजना क्षेत्र में उड़ती राख, सड़कों पर गिरती राखड़ और घंटों लगने वाले जाम को लेकर जब मीडिया कर्मियों ने सवाल किए तो मंत्री ने उन्हें टालते हुए कहा, आप लोग सवाल मत करिए, सुझाव दीजिए। पत्रकारों ने यह भी पूछा कि नगर निगम के कचरा संग्रहण और निस्तारण का काम कर रही सीटाडेल कंपनी को करोड़ों रुपये भुगतान के बावजूद क्षेत्र में सफाई व्यवस्था क्यों नहीं सुधर रही है, कचरे का निस्तारण क्यों नहीं हुआ, जबकि हर महीने एक करोड़ 24 लाख रुपए खर्च हो रहे हैं, इस पर भी मंत्री ने अनभिज्ञता जताई और आगे कोई टिप्पणी करने से इनकार किया।

मौके पर मौजूद पत्रकारों ने वार्ता के अंत में मंत्री के रवैये पर निराशा व्यक्त की। उनका कहना था कि प्रेस वार्ता संवाद का माध्यम होती है, परंतु यहां केवल एकतरफा जानकारी दी गई। कार्यक्रम में सिंगरौली विधायक रामनिवास शाह, देवसर विधायक राजेन्द्र मेश्राम, प्राधिकरण अध्यक्ष दिलीप शाह, पूर्व विधायक रामलल्लू बैस और भाजपा जिलाध्यक्ष सुंदरलाल शाह उपस्थित रहे।क्या आप चाहेंगे कि मैं इसके लिए SEO-अनुकूल ऑनलाइन संस्करण या सोशल मीडिया पोस्ट कैप्शन भी तैयार कर दूँ।

सवाल नहीं सुझाव दीजिए यह सभी की नैतिक जिम्मेदारी

सूर्या भवन, विन्ध्यनगर में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान प्रभारी मंत्री सम्पतिया उइके उस समय सुर्खियों में आ गईं जब उन्होंने पत्रकारों के सवालों से किनारा करते हुए नैतिक जिम्मेदारी का हवाला दिया। जीरामजी योजना पर विस्तार से बोलने के बाद जब पत्रकारों ने एनटीपीसी की राखड़ गिरने, जाम की समस्या और सीटाडेल कंपनी के भुगतान जैसे स्थानीय मुद्दों पर प्रश्न किए, तो मंत्री ने कहा- विकसित भारत जीरामजी का प्रेस वार्ता खत्म हो गया है, आप लोग सवाल मत करिए, सुझाव दीजिए, यह हमारी-आपकी नैतिक जिम्मेदारी है। जबकि मंत्री जी की नैतिक जिम्मेदारी थी कि वह पत्रकारों के सवालों का भी जवाब दें। उन्होंने पत्रकारों को मोबाइल बंद करने और वीडियो नहीं बनाने की नसीहत देते हुए कहा कि सबको अपनी जिम्मेदारी समझनी चाहिए, तभी विकास संभव है।

2047 के विजन का ढांचा किया जा रहा तैयार

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत–2047’ के राष्ट्रीय विजन के अनुरूप यह अधिनियम ग्रामीण विकास का नया ढांचा तैयार करेगा। इस कानून का उद्देश्य भ्रष्टाचार मुक्त ग्राम पंचायतों का निर्माण, सुशासन को मजबूत करना और डिजिटल प्रणाली के माध्यम से योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता लाना है। प्रभारी मंत्री ने कहा कि इस योजना में केंद्र सरकार 60 प्रतिशत और राज्य सरकार 40 प्रतिशत की भागीदारी से वित्तीय संसाधन उपलब्ध कराएगी। इससे योजनाओं का सुचारु क्रियान्वयन सुनिश्चित होगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि योजना का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे, इसके लिए जमीनी स्तर पर प्रभावी कार्यवाही की जाए।

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सिंगरौली जिले को कौन चला रहा

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