Singrauli news सिंगरौली। चम्मच घोटाला की तरह जिले में एक बार फिर कायाकल्प योजना में घोटाले का मामला सामने आया है। जहां पार्षदों द्वारा लगाएं गए आरोप के बाद तीन सदस्य जांच टीम नगर निगम सिंगरौली पहुंची। नगर निगम क्षेत्र में हुए कायाकल्प योजना के तहत हुए निर्माण कार्यों की बिंदुवार जांच की जा रही है लेकिन जांच टीम जिस तरीके से बंद कमरे में जांच कर रही हैं कई सवाल खड़े होने लगे हैं। ईई के बंद कमरे में जांच से जहां एक और सस्पेंस बना है तो वहीं दूसरी तरफ जितने मुंह उतनी बातें होने लगी।
पार्षद अनिल कुमार वैश्य ने आरोप लगाए की कायाकल्प योजना के तहत हो रहे निर्माणकार्यों में अनियमितता और पैसों का बंदर बांट करने में लगे हैं। बार्ड 36 पार्षद प्रेम सागर मिश्रा ने आरोप लगाया कि जो सड़के गारंटी पीरियड के भीतर उखड़ गई है उन सड़कों को रिपेयर करने की बजाय निगम के अधिकारी कायाकल्प योजना में शामिल कर ठेकेदार पर न केवल मेहरबानी बरत रहे हैं बल्कि आमजन के पैसों का बंदरबांट कर रहे हैं। पार्षदों की शिकायत पर अब भोपाल से तीन सदस्य जांच टीम नगर निगम पहुंची है।
बताया जा रहा है की टीम कायाकल्प योजना के तहत हुए निर्माण कार्यों की न केवल जांच करेगा बल्कि अपनी रिपोर्ट भी सरकार को सौंपेगी। हालांकि जांच सदस्य टीम की कार्य प्रणाली को देखकर पार्षद आरोप लगाने लगे हैं कि यह दिखावे की जांच है। पार्षदों ने कहा कि यह जांच टीम कार्यपालन यंत्री के कक्ष के भीतर बैठकर क्या गुफ्तगू कर रही यह समझ के परे हैं। चर्चा तो यहां तक है की जांच टीम के साथ कायाकल्प योजना के निर्माण कार्य का ठेकेदार भी मौजूद है। आखिर ठेकेदार से जांच टीम क्या जानकारी जुटा रही हैं। Singrauli news
गारंटी पीरियड की सड़क कायाकल्प में जोड़ना पड़ सकता है भारी
वार्ड क्रमांक 31 में पीसीसी सड़क निर्माण का कार्य करीब एक साल पहले करोड़ों की लागत से हुआ था। घटिया सड़क निर्माण होने के कारण सड़क जगह-जगह उखड़ गई थी। हालांकि सड़क अभी गारंटी पीरियड में थी। लेकिन अधिकारियों ने ठेकेदार पर मेहरबानी दिखाते हुए सड़क का मरम्मतीकरण कराने के बजाय इसे कायाकल्प योजना में शामिल कर लिया। वहीं इस सड़क को कायाकल्प योजना के तहत लेप चढ़ा कर करीब 80 लाख रुपए निकालने की तैयारी में है। अब जांच टीम इस सड़क भ्रष्टाचार में क्या रिपोर्ट सौंपेगा यह देखने लायक होगा। Singrauli news
ठेकेदार के साथ बंद कमरे में हो रही जांच ?
बुधवार को भोपाल से कायाकल्प योजना के तहत निर्माण कार्यों की जांच करने तीन सदस्यीय जांच टीम पहुंची। नगर निगम अधिकारी को जांच टीम से बिल्कुल डर नहीं दिखा, सब एक दूसरे से ऐसे मिल रहे थे जैसे पुराने दोस्तों हों। हालांकि टीम जब कार्यपालन यंत्री भास्कर उपाध्याय के चेंबर में बैठी तो वह अपने चैंबर से बाहर आ गए। सूत्र बताते हैं कि श्री उपाध्याय भले ही बाहर आ गए लेकिन उनके चेंबर में जांच टीम के साथ ठेकेदार के होने का दावा कर रहे थें। हालांकि चैंबर बाहर से जरूर बंद था लेकिन अंदर लाइट और पंखे चल रहे थे ऐसें में पार्षद सहित मौजूद अन्य लोग यही समझ रहे थे की जांच टीम बंद कमरे के भीतर जांच कर रही या फिर कुछ और हालांकि एक-दो दिन में स्थिति स्पष्ट हो जाएगी। Singrauli news
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