February 12, 2026

विंध्य न्यूज़

कहे सच बेहिचक

महिला थाना प्रभारी ने एसपी से पीड़िता को मिलने से रोका,3 दिन थाने से लौटाया,यह रही बड़ी वजह

सिंगरौली। जिले में कानून व्यवस्था पूरी तरीके से लड़खड़ा चुकी है। कानून का डर अब अपराधियों में नही रह गया है। क्योंकि अब पैसा बोलता है। यही वजह है कि पीड़ितों को न्याय नही मिल पा रहा है। कुछ ऐसा ही वाक्या एसपी कार्यालय में आज दिन मंगलवार 20 मई दोपहर तकरीबन 12:30 पर देखने को मिला है।

बता दें कि एक महिला छेड़खानी व धमकी की शिकायत महिला थाना में की थी, लेकिन तीन दिन बुलाकर रपट नही लिखी गई तो महिला थकहार कर एसपी कार्यालय पहुंची। जहां बाहर बैठी महिला थाना प्रभारी ने पीड़िता को एसपी से नही मिलने दिया गया। पीड़िता ने महिला थाना प्रभारी पर कई गंभीर आरोप लगाया है।

जिले के माड़ा थाना क्षेत्र के सिंगाही निवासी लगभग एक 25 वर्षीय महिला ने एसपी के नाम दिये शिकायती पत्र में बताया कि बीते 14 अप्रैल की रात तकरीबन 10 बजे घर में जबरन रंगधारी सिंह खैरवार घुसकर ईज्जत लुटने का प्रयास करने लगा। पीड़िता ने हल्ला गुहार की तो परिजन पहुंचे। परिजनों को देखकर रंगधारी सिंह घर से भाग गया और सुबह धमकी देने लगा कि अगर कही शिकायत करोगी तो तुम्हारे साथ गलत हो जाएगा। अगर शिकायत करती भी हो तो कहीं सुनवाई नही होगी। तब पीड़िता ने माड़ा थाना गई। जहां शिकायत की, लेकिन रिपोर्ट नही लिखी गई।

पीड़िता महिला थाना बैढ़न 13 मई को शिकायत करने गई , लेकिन तीन दिन तक बुलाने के बाद भी पीड़िता की शिकायत पर कोई कार्रवाई नही की गई। महिला थाने से कोई सुनवाई नही होने के बाद पीड़ित आज पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंची। जब महिला को महिला थाना प्रभारी ने देखा तो उसका आवेदन ले ली। पीड़िता बोली कि मुझे एसपी से मिलना है, मेरा आवेदन दे दीजिए। मीडिया कर्मियों को देखकर महिला थाना प्रभारी ने आवेदन तो दे दिया, लेकिन पुलिस अधीक्षक से मिलने नही दिया गया। कुछ इस तरह की घटनाएं एसपी कार्यालय के जनसुनवाई में देखने को मिली।

पीड़िता ने बताया कि जब मैं अंदर जाने का प्रयास करती हूॅ तो अंदर नही जाने दिया जाता है। सिर्फ मुझे महिला थाना प्रभारी के द्वारा एक कागज का टुकड़ा दिया गया, जिसमें लिखा था शिवपूजन मिश्रा थाना प्रभारी माड़ा। आखिर इसका क्या अर्थ है, यह समझ से परे लग रहा है। लेकिन महिला ने जिस तरीके से महिला थाना प्रभारी पर आरोप लगा रही है कहीं न कहीं सच्चाई तो है, क्योंकि इन दिनों महिला थाना काफी चर्चाओं में लेन-देन को लेकर आ चुका है।

आलेख – श्रीकांत द्विवेदी, सिंगरौली

About The Author