February 11, 2026

विंध्य न्यूज़

कहे सच बेहिचक

महिला थाना प्रभारी फील्ड से अधिक थाने में ही सक्रिय, कागजों में सीमित जागरूकता अभियान!


सिंगरौली। पुलिस कप्तान सिंगरौली द्वारा जिले में महिला अपराधों पर अंकुश लगाने के साथ-साथ मजनू टाइप के मनचलो के खिलाफ सख्ती से कार्रवाई करने के निर्देश  दिए गए थे।  साथ ही महिला थाना को संसाधनो के साथ-साथ सक्रियता बढ़ाना के निर्देश भी दिए गए थे। इन निर्देशों के पीछे पुलिस कप्तान की सोच मनचलों के सक्रियता पर अंकुश लगाने के साथ-साथ महिला अपराधों पर विराम लगाने की रही होगी। लेकिन महिला थाना प्रभारी एवं उनके सहयोगी फील्ड से अधिक थाने में ही सक्रिय देखे जाते है। जिसके चलते मनचलों के हौसले बुलंद है। समय-समय पर सोशल मीडिया पर वायरल होने वाले विडियो इस बात की पुष्टि करते हैं कि कहीं न कहीं कुछ तो गड़बड़ है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार पुलिस कप्तान सिंगरौली द्वारा महिला अपराधों पर अंकुश लगाने के साथ-साथ मनचलो की सक्रियता पर भी अंकुश लगाने की दिशा में प्रयास हेतु निर्देश समय-समय पर दिए जाते रहते हैं। तथा लोगो को अपराधों की जानकारी एवं अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई हेतु समय-समय पर विभिन्न अभियानों के माध्यम से जानकारी दी जाती रही है। यहां तक कि जन जागरुकता अभियान चलाकर लोगो को जागरुक करने का प्रयास समय-समय पर किया जाता रहा है।
जागरुकता अभियान दिखावे तक सीमित
भले ही पुलिस कप्तान द्वारा लोगो को जागरुक करने के साथ-साथ संबंधित विभाग के कर्मचारियों को भी  जागरुक एवं सक्रिय करने के लिए विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से प्रयास किए जाते हैं।

निश्चित ही इन प्रयासों से आम लोगो में जागरुकता तो आई। लोग घटित अपराधों की जानकारी पुलिस थाने में देकर अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई का प्रयास करते देखे भी जा रहे हैं। लेकिन इन सब प्रयासो के बाद भी विभाग जागरुक नही हो सका। महिला थाना में पदस्थ अधिकांश कर्मचारी भीड़ भाड़ वाली जगहों से नदारत रहते हैं। प्रचंड धूप के कारण अधिकांश कर्मचारी थाने में बैठकर ही समस्याओं का समाधान करने का प्रयास करते हैं। जिसके चलते मनचलों की सक्रियता में कमी आने की जगह बढ़ोत्तरी हो रही है।  

निराश होकर वापस लौट रहे फरियादी

भले ही महिला थाना के थाना प्रभारी एवं उनके सहयोगी इस धूप में फील्ड में जाना स्वास्थ्य के लिए हानिकारक मानते हों लेकिन उनकी सक्रियता थाने में बरकरार है। फरियादी के आते ही सेटिंग डिपार्टमेंट सक्रिय हो जाता है। तथा फरियादी की फरियाद लिखे जाने के पहले ही आरोपी से संपर्क बन जाता है। चर्चा तो यहां तक है कि मामला आते ही कुछ घंटो में ही समाधान हो जाता है। भले ही इस समाधान से फरियादी संतुष्ट न हो लेकिन सेंटिग डिपार्टमेंट के कर्मचारी एवं उनके अधिकारी अवश्य संतुष्ट हो जाते हैं। महिला थाने के लिए यह कोई नही घटना नही है।  इसी लेन-देन के चक्कर में पहले भी कई कर्मचारी नप चुके हैं

कॉलेज मोड़ व पार्को में सक्रिय हैं मनचले

भले ही पुलिस कप्तान द्वारा महिला पुलिस को भीड़ भाड़ वाले जगहो में खास तौर से कॉलेजों एवं उनके आसपास के तिराहों,चौराहों एवं पार्को में सक्रिय रहने के निर्देश दिए गए हो लेकिन मनचलो की बढ़ती सक्रियता एवं सोशल मीडिया पर समय-समय  पर वायरल होने वाले अश£ील विडियो इस बात की पुष्टि अवश्य करते हैं कि जिले में मनचले सक्रिय हैं। इस चिलचिलाती धूप में भी उन्हें अश£ील हरकत करने का अवसर मिल ही जाता है। जिससे यह तो स्पष्ट हैं कि विभिन्न कार्यशालाओं एवं जन जागरुकता अभियानों के बाद भी महिला पुलिस ने जागरुकता नही आ सकी।

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