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हनी ट्रैप की कई मामले, एक का हुआ खुलासा, कई दब गए, पूर्व प्रभारियों पर दबाकर वसूली करने की चर्चा

सिंगरौली। जिले का सबसे पिछड़ा क्षेत्र सरई अभी तक आदिवासी महिलाओं की खरीद के लिए जाना जाता था, लेकिन औद्योगिक घरानों के आने के बाद वहां के लोग आर्थिक रूप से संपन्न हुई । बल्कि उनके रहन-सहन में भी बड़े बदलाव हुए हैं।

इन बदलावों के बीच अब हनी ट्रैप जैसे मामले भी सामने आने लगे हैं। हालांकि अभी तक सिर्फ  एक मामला सामने आया है, लेकिन चर्चा है कि हनी ट्रैप के कई मामले हो चुके हैं लेकिन लोग सामाजिक बदनामी के डर से सामने नहीं आए। दरअसल पिछड़ापन से जूझ रहे इलाके में औद्योगिक कंपनियों के आने के बाद लोगों की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई तो समझ में न केवल कई विकृतियों ने जन्म लिया। बल्कि अपराधियों में भी इस क्षेत्र को अवसर के रूप में लिया।

बता दें कि क्षेत्र के भौगोलिक दृष्टि से वाकिफ अपराधी लड़कियों की खरीद फरोक्त को छोड़कर हनी ट्रैप जैसे अपराध शुरू कर दिए। अपराधी कई पैसे और रसूखदार लोगों को अपना टारगेट बनाने लगे और लड़कियों के जरिए उनके साथ हनी ट्रैप कर ब्लैकमेलिंग का काम शुरू कर दिए। पिछले दिनों सरई पुलिस ने हनी ट्रैप का एक मामला पड़ा है। जिसमें एक महिला एक सरपंच से पहले शारीरिक संबंध बनाए। इसके बाद सरपंच से 10 लाख रुपए मांग करने लगी। खुद को महिलाओं के चक्रव्यूह में फसता देख सरपंच पुलिस से शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद पुलिस ने इस हनी ट्रैप मामले के मास्टरमाइंड को पकड़ने का दावा किया हैं।। वहीं पुलिस भी मान रही है कि हनी ट्रैप का या कोई पहला मामला नही है। पूर्व में भी इस तरह की घटनाएं हो चुकी हैं। लेकिन लोक लाज की डर से लोग सामने नहीं आए।

पूर्व प्रभारियों ने दबाकर की कमाई

सूत्र तो यहां तक बताते है कि पूर्व के थाना प्रभारियों ने हनी ट्रैप जैसे मामलो में खुब पैसा वसूला है। कहां तो यहा तक जाता है कि कुछ ऐसे मामले आये थे। जिसमें 15 से 20 लाख रूपये प्रभारियों ने लेकर मामले को दबा देते थे। वही पीड़ित भी लोक लाज और बदनामी के डर से सामने नही आते थे।

पूर्व प्रभारियों पर मामले को दबाने की चर्चाएं
जिले का सबसे पिछड़ा क्षेत्र सरई अभी तक आदिवासी महिलाओं की खरीद के लिए जाना जाता था, लेकिन औद्योगिक घरानों के आने के बाद वहां के लोग आर्थिक रूप से संपन्न हुई। बल्कि उनके रहन-सहन में भी बड़े बदलाव हुए हैं। इन बदलावों के बीच अब हनी ट्रैप जैसे मामले भी सामने आने लगे हैं। हालांकि अभी तक सिर्फ एक मामला सामने आया है, लेकिन चर्चा है कि हनी ट्रैप के कई मामले हो चुके हैं लेकिन लोग सामाजिक बदनामी के डर से सामने नहीं आए।

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