February 11, 2026

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77वें गणतंत्र दिवस पर शिक्षा के मंदिर में तिरंगे का घोर अपमान! DEO बोलें- जांच के बाद होगी सख्त कार्रवाई

सिंगरौली। 77वें गणतंत्र दिवस के पावन अवसर पर जहां पूरा देश राष्ट्रीय गौरव और सम्मान के साथ तिरंगा फहराने में जुटा था, वहीं सिंगरौली जिले के एक शासकीय प्राथमिक विद्यालय में गंभीर लापरवाही का मामला सामने आया है। शासकीय प्राथमिक स्कूल, पूर्व टोला खुटार में फटा और अत्यंत पुराना राष्ट्रीय ध्वज फहराए जाने का वीडियो मंगलवार को सामने आने के बाद पूरे जिले में आक्रोश फैल गया है। इस घटना ने न केवल राष्ट्रीय सम्मान को ठेस पहुंचाई है, बल्कि शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर भी बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।

प्रत्यक्षदर्शियों और अभिभावकों के अनुसार स्कूल परिसर में लंबे समय से क्षतिग्रस्त तिरंगा लगा हुआ था, जिसे गणतंत्र दिवस जैसे राष्ट्रीय पर्व पर भी बदला नहीं गया। ग्रामीणों का कहना है कि राष्ट्रीय ध्वज देश की आन-बान-शान और शहीदों के बलिदान का प्रतीक है। ऐसे में फटे हुए तिरंगे का फहराया जाना राष्ट्रीय ध्वज संहिता का खुला उल्लंघन है और यह नागरिकों की भावनाओं को गहराई से आहत करता है। स्थानीय लोगों ने इस मामले में स्कूल प्रशासन की लापरवाही के साथ-साथ उच्च अधिकारियों की उदासीनता पर भी सवाल उठाए हैं।

आरोप है कि इस घटना की जानकारी होने के बावजूद संबंधित अधिकारी समय रहते हस्तक्षेप नहीं कर पाए। जब मामला तूल पकड़ने लगा, तब जाकर विभाग हरकत में आया। जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) ने इस प्रकरण पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि पूरे मामले की गंभीरता से जांच कराई जाएगी। उन्होंने बताया कि किन परिस्थितियों में फटा तिरंगा फहराया गया, इसकी वस्तुस्थिति जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

डीईओ ने यह भी कहा कि यदि जांच में दोष सिद्ध होता है तो संबंधित प्रधानाध्यापक अथवा जिम्मेदार कर्मचारियों के विरुद्ध निलंबन या एक इंक्रीमेंट रोकने जैसी कठोर कार्रवाई की जाएगी। हालांकि डीईओ के इस बयान के बाद भी लोगों का गुस्सा शांत नहीं हुआ है।

नागरिकों का कहना है कि राष्ट्रीय सम्मान से जुड़े मामलों में केवल औपचारिक जांच और हल्की सजा पर्याप्त नहीं है। उन्होंने मांग की है कि दोषियों पर सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। यह घटना एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर करती है कि जब शिक्षा संस्थानों में ही राष्ट्रीय प्रतीकों के प्रति संवेदनशीलता नहीं होगी, तो नई पीढ़ी में देशभक्ति और सम्मान की भावना कैसे विकसित होगी। अब सभी की निगाहें जांच रिपोर्ट और उस पर होने वाली कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।

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