सिंगरौली। जिले में जल जीवन मिशन की धीमी रफ्तार और पेयजल योजनाओं में देरी को लेकर कलेक्टर गौरव बैनल ने सख्त रुख अपनाया है। जिला जल एवं स्वच्छता समिति की बैठक में उन्होंने अधिकारियों और ठेकेदारों को स्पष्ट चेतावनी दी कि ग्रामीणों को पानी उपलब्ध कराने के कार्य में लापरवाही किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं होगी। कलेक्टर ने जीरो टॉलरेंस नीति अपनाने के निर्देश देते हुए तय समयसीमा में काम पूरा कराने पर जोर दिया।
कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित बैठक में जल जीवन मिशन के तहत संचालित योजनाओं, पेयजल उपलब्धता, जल संरक्षण और संवर्धन कार्यों की समीक्षा की गई। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग की एकल नल-जल योजनाओं की प्रगति संतोषजनक नहीं मिलने पर कलेक्टर ने नाराजगी जाहिर की और कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए।
कलेक्टर ने कार्यपालन यंत्री पीएचई को जिले के सभी विकासखंडों के लिए माइक्रो प्लान तैयार करने और प्रत्येक कार्य की स्पष्ट समयसीमा तय करने को कहा। उन्होंने पर्याप्त श्रमिकों की व्यवस्था करने तथा पाइपलाइन बिछाने में स्थानीय श्रमिकों का सहयोग लेने के निर्देश दिए। संबंधित एसडीओ और उपयंत्रियों को निर्माण कार्यों की गुणवत्ता की नियमित निगरानी करने तथा प्रतिदिन की प्रगति रिपोर्ट जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी को देने को कहा गया।
नवंबर तक पूरा करना होगा काम
कलेक्टर ने स्पष्ट निर्देश दिए कि जल जीवन मिशन के तहत ओवरहेड टैंक निर्माण, पाइपलाइन विस्तार और नल कनेक्शन का कार्य नवंबर तक शत-प्रतिशत पूरा किया जाए। वहीं जल निगम के अंतर्गत संचालित योजनाओं को दिसंबर तक पूर्ण कर ग्रामीणों को घर-घर नल के माध्यम से पेयजल उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए।
काम में लापरवाही करने वाले संविदाकारों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की चेतावनी देते हुए कलेक्टर ने कहा कि समयसीमा में कार्य पूरा नहीं होने पर बैंक गारंटी राजसात करने और अनुबंध समाप्त करने की कार्रवाई की जाएगी। निर्धारित लक्ष्य पूरा नहीं करने वाले एसडीओ और सब इंजीनियरों पर भी अनुशासनात्मक कार्रवाई होगी।
बैठक में डीएमएफ से स्वीकृत हैंडपंप खनन कार्यों की भी समीक्षा हुई। कलेक्टर ने लंबित कार्य शीघ्र पूरा कराने और केवल स्वीकृत स्थल पर ही हैंडपंप खनन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
कलेक्टर ने कहा कि पेयजल उपलब्धता प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। जलापूर्ति से जुड़े कार्यों में किसी भी स्तर की लापरवाही पर जीरो टॉलरेंस अपनाया जाएगा।