February 11, 2026

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Singrauli News : क्लीनिक में पैर दर्द की दवा कराने पहुंचा अधेड़, फिर हो गई मौत, परिजन कर रहे जांच की मांग

Singrauli News सिंगरौली। चितरंगी थाना क्षेत्र अंतर्गत अस्पताल चौक स्थित एक निजी क्लीनिक में इलाज कराने गए एक अधेड़ की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। मौत के बाद क्लीनिक संचालक ने मृतक के शव को उठाकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र चितरंगी पहुंच कर भाग गए। इसके बाद मृतक के परिजनों को सूचना दी गई। मृतक के भाई ने आरोप लगाया है कि गलत इलाज करने से मेरे भाई की मौत हुई है।

मिली जानकारी के अनुसार मनोज कुमार यादव पिता सुवंस यादव उम्र 48 वर्ष निवास की कुडेनिया-2 अपने मोटरसाइकिल से दोपहर 12 बजे घर से पर का इलाज कराने चितरंगी गया। जहां एक निजी क्लीनिक डॉक्टर अजीत सिंह बैस के यहां इलाज करवा रहा था कि अचानक मनोज यादव की मौत हो गई।

प्राइवेट चिकित्सक ने तत्काल मृतक मनोज यादव को उठाकर गाड़ी में भरकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र चितरंगी में ले जाकर बेड पर लेटाकर वहां से भाग निकले। अपने क्लीनिक पर पहुंचने के बाद प्राइवेट चिकित्सक ने परिजनों को सूचना दिया। आनन- फानन में पहुंचे परिजन हंगामा करते हुए पीएम करने से मना कर दिया और जिला अस्पताल बैढ़न पहुंचे। जहां पुलिस टीम की मौजूदगी में मृतक के शव को पीएम घर में रखवाया गया। जिसका कल शुक्रवार को पोस्टमार्टम किया जाएगा। बैंस के क्लीनिक में दर्द का इलाज कराने पहुंचा था। Singrauli News

मौत पर संशय बरकरार 
इधर बता दे की अधेड़ को कौन सी दवा या इंजेक्शन दिया गया इस पर आधिकारिक पुष्टि नहीं हो रही है लेकिन परिजन गलत इलाज होने की संभावना जाता रहे हैं। आखिर किस वजह से मनोज यादव की मौत हुई अभी तक इसकी पुष्टि नहीं हो पाई है। प्राइवेट चिकित्सक पर तरह-तरह के आरोप परिजन लग रहे हैं। यह तो पीएम उपरांत ही हकीकत का पर्दाफाश हो पाएगा की किस वजह से मौत हुई है। Singrauli News

मेरे भाई का गलत इलाज हुआ
मृतक मनोज कुमार यादव के भाई संत कुमार यादव ने आरोप लगाया है कि मेरे भाई की मौत गलत इलाज के चलते हुई है। अगर डॉक्टर अजीत सिंह बैस गलत ना होते तो मेरे भाई को मृत अवस्था में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र चितरंगी ले जाकर बेड पर लेटाकर भाग न जाते। मेरे भाई के साथ क्या हुआ है इसकी सही तरीके से जांच कराई जाए। Singrauli News

इनका कहना है
मनोज कुमार यादव मेरे क्लीनिक पर आए हुए थे मैं दूसरे मरीजों को देख रहा था। मेरे क्लीनिक के बाहर बैठे हुए थे। इसी बीच वह बेहोश होने लगे और मुंह से झांक निकल गया। उन्हें तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले गया। जहां चिकित्सक उन्हें मृत घोषित कर दिया। मनोज यादव का मैं कोई उपचार नहीं किया हूं। डॉ.अजीत सिंह बैंस, चिकित्सक प्राइवेट क्लीनिक संचालक

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