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CM साहब सिंगरौली में चोरी की गाड़ियों सहित साइकिलों को स्क्रैप बना रहें कबाड़ी, चोरी की घटनाओं से लोग परेशान

CM Mohan Yadav सिंगरौली : पुलिस की नाकामी कहें या फिर मिलीभगत कारण जो हो कोतवाली क्षेत्र के शहरी और ग्रामीण इलाकों में दर्जनों हुई बाइक और साइकिलों को काटकर कबाड़ में बेचा जा रहा है। इस गोरखधंधे से जुड़े लोगों के पास कोई लाइसेंस व अन्य प्रमाण पत्र भी नहीं हैं। हैरानी की बात है कि पुलिस सबकुछ जानते हुए भी अनजान बनी हुई है। हालात ये हैं कि लोगों की पलक झपकते गाड़ियां गायब हो जा रही है। दर्जनों बाइक और साइकिल चोरी का खुलासा पुलिस नहीं कर पाई है। 

बता दें कि जिले में कई गिरोह वाहन चोरी में सक्रिय हैं। इसकी कलई बीते सप्ताह उस समय खुल भी चुकी है जब कोतवाली पुलिस ने जनवरी महीने में पांच चोरों से चार गाड़ियां और जयंत पुलिस ने मई महीने में 12 मोटर साइकिलों को बरामद किया था। यह कोतवाली पुलिस के लिए शर्मसार करने वाली बात थी लेकिन इसका कोई असर नहीं। हालांकि अभी भी दर्जनों बाइक छोरियों का खुलासा पुलिस नहीं कर पाई है।

सूत्रों का दावा है कि कोतवाली क्षेत्र में संचालित कबाड़ की दुकानों में चोरी की साइकिल और बाइक को खरीदा जा रहा है। बताया जा रहा है कि कुछ लोग गाड़ी खरीदकर उस पर कई लाख रुपये का फाइनेंस करा लेते हैं। धीरे धीरे इसकी किस्तें देनी बंद कर देते हैं। फिर गाड़ी को कहीं से भी चोरी दिखाकर कबाड़ी के यहां पहुंचा देते हैं। कबाड़ी चोरी के सामग्रियों को काट कर छोटे-छोटे टुकड़ों में तब्दील कर देते हैं और उन्हें कानपुर की मंडियों में ऊंचे दामों पर बेच देते हैं। CM Mohan Yadav

यहां कार से लेकर हाइवा, ट्रक, डंपर, पाइप सहित घरेलू लोहे और प्लास्टिक की सामग्री को काटा जा रहा है। बताया जा रहा है कि इस गोरखधंधे से जुड़े लोगों के पास किसी प्रकार का कोई लाइसेंस नहीं है। वो वाहन कहां से लाते हैं कहां बेचते हैं इस प्रकार का रिकार्ड भी नहीं रखते। जबकि नियम ये है कि जो गाड़ी कबाड़े में आएगी, उसका रजिस्ट्रेशन, फाइनेंस व अन्य कई कागजों की जांच कर उसे काटने के लिए संबंधित विभाग से अनुमति लेनी होती है। CM Mohan Yadav

चोरी की बाइकों को बना देते हैं स्क्रैप

वाहन चोर गिरोह के बदमाश साइकिल और बाइक चोरी कर लाते हैं। बदले में कबाड़ी अपने गुर्गो को वाहनों की स्थिति के हिसाब से उन्हें पैसा देता है। जिन गाड़ियों केे पार्ट ठीक होते उन्हें निकाल कर सीधे मार्केट में बेच दिया जाता है। वहीं जो गाड़ी पुरानी होती है उन्हेंं काटकर स्क्रैप बना दिया जाता है। क्षेत्र में हो रही चोरियां पुलिस की कार्यशैली पर बड़ा सवाल है जिसका सीधा जवाब अधिकारियों के पास भी नहीं है। CM Mohan Yadav

साइकिल चोरी का पुलिस नहीं लिखती रिपोर्ट 

सूत्रों की माने तो कोतवाली पुलिस साइकिल चोरी की घटनाओं की रिपोर्ट कभी नहीं लिखती। जबकि बाइक चोरी की रिपोर्ट तभी लिखी जाती है जब गाड़ी का रजिस्ट्रेशन और बीमा होने के साथ-साथ शिकायतकर्ता सजग और पॉलिटिकल स्ट्रांग हो। बीमा नहीं होने पर पुलिस किसी भी कीमत पर रिपोर्ट नहीं लिखती। सिर्फ आवेदन लेकर गाड़ी ढूंढने का आश्वासन देती है। फिर आवेदक भी परेशान होकर थक जाता है और वह सब कुछ भगवान भरोसे छोड़ देता है। CM Mohan Yadav

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सिंगरौली जिले को कौन चला रहा

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