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बैढ़न-विंध्यनगर रोड पर अमृत जल लाइन फटी, हजारों लीटर पानी सड़क पर बहा, आए दिन वार्डों में लगातार बर्बाद हो रहा पेयजल

बैढ़न। नगर निगम की लापरवाही और अमृत जल योजना के ठेकेदारों की कामचलाऊ कार्यशैली एक बार फिर उजागर हुई है। बैढ़न–विंध्यनगर रोड स्थित वोल्वो एजेंसी के सामने अमृत जल पाइप लाइन फटने से बुधवार सुबह हजारों लीटर पानी सड़क पर बहता रहा।

हैरानी की बात यह है कि यह कोई पहली घटना नहीं है, पिछले कई दिनों से सप्लाई के समय पाइप फटने के कारण पानी सड़क और नालियों में बह रहा है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों और ठेकेदारों की नींद आज तक नहीं खुली। आए दिन वार्डों में पेयजल लगातार बर्बाद हो रहा है और फिर भी “मौके पर पहुंचकर ठीक कराने जैसा सामान्य दायित्व भी नहीं निभाया जा रहा है।

बता दें कि वार्ड क्रमांक 38 के पार्षद अनिल वैस ने लापरवाही पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि अमृत जल योजना के तहत काम गुणवत्ता पूर्ण किए जाने का दावा केवल कागजों में है। जमीनी हकीकत यह है कि पाइप लाइनें बार-बार फट रही हैं और लाखों लीटर पेयजल सड़क पर बह रहा है।

बिलौंजी क्षेत्र (वार्ड 42) में पहले ही हजारों लीटर पानी व्यर्थ गया था और अब हमारे वार्ड 38 में यही हाल है। लेकिन जिम्मेदार अधिकारी मौके पर आने तक की जहमत नहीं उठा रहे। पाइप लाइन फटने के बाद अमृत जल सड़क पर बहते हुए नालियों तक बह रहा है। राहगीरों को परेशानी झेलनी पड़ती है। पार्षद ने कहा कि ठेकेदारों ने गुणवत्ता का घोर मज़ाक बनाते हुए सस्ती सामग्री और गलत फिटिंग का इस्तेमाल किया है, जिसके कारण पाइप लाइनें लगातार टूट रही हैं।

वहीं आम जनता यह भी सवाल उठा रही है कि जब अमृत जल योजना पर करोड़ों रुपये खर्च किए जा रहे हैं, तो आखिर इसका लाभ किसे मिल रहा है, जनता को या ठेकेदारों को। पाइप लाइन बार-बार टूटने की घटनाएँ इस बात का स्पष्ट प्रमाण हैं कि तकनीकी निगरानी, गुणवत्ता परीक्षण और कार्यस्थल निरीक्षण पूरी तरह से फेल है।

नगर निगम और अमृत जल योजना के ठेकेदार की यह लापरवाही न केवल सरकारी धन की बर्बादी है, बल्कि पेयजल जैसी महत्वपूर्ण संपदा के प्रति अपराध समान है। यदि जिम्मेदार विभाग तुरंत मरम्मत और गुणवत्ता जांच नहीं करता, तो यह समस्या आने वाले दिनों में और गंभीर रूप ले सकती है।

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