|
Breaking News
ठेकेदार को फायदा पहुंचाने 78 लाख का हुआ स्ट्रीट लाइट टेंडर ?  महापौर का पत्र भी अनदेखावार्ड 40-41 में सफाई के बाद सर्वे, टीम लौटी, नगर निगम कमिश्नर फिर कटघरे में !सिंगरौली में घरेलू गैस के अवैध रिफिलिंग और दुरुपयोग पर छापा,भारी मात्रा में सिलेंडर व मशीनें जब्तSingrauli News : पुलिस संरक्षण में फलता-फूलता अवैध अहाता, सरेआम कानून की उड़ रही धज्जियांSingrauli News : नो कंडीशन में ठेका, 92 लाख का खेल? स्ट्रीट लाइट घोटाले में फिर घिरी कमिश्नरCM साहब! सिंगरौली में सुबह भी ताले में कैद कोतवाली, कोतवाली प्रभारी बेपरवाह या फिर सिस्टम लाचारएक पेड़ की छांव में सिमटी इंसानियत, चारों ओर उजड़ता हुआ सिंगरौलीCM Mohan Yadav का सख्त मूड, 55 जिलों में कभी भी उतर सकता हेलीकॉप्टर, उपार्जन केंद्रों पर मचेगी हलचलठेकेदार को फायदा पहुंचाने 78 लाख का हुआ स्ट्रीट लाइट टेंडर ?  महापौर का पत्र भी अनदेखावार्ड 40-41 में सफाई के बाद सर्वे, टीम लौटी, नगर निगम कमिश्नर फिर कटघरे में !सिंगरौली में घरेलू गैस के अवैध रिफिलिंग और दुरुपयोग पर छापा,भारी मात्रा में सिलेंडर व मशीनें जब्तSingrauli News : पुलिस संरक्षण में फलता-फूलता अवैध अहाता, सरेआम कानून की उड़ रही धज्जियांSingrauli News : नो कंडीशन में ठेका, 92 लाख का खेल? स्ट्रीट लाइट घोटाले में फिर घिरी कमिश्नरCM साहब! सिंगरौली में सुबह भी ताले में कैद कोतवाली, कोतवाली प्रभारी बेपरवाह या फिर सिस्टम लाचारएक पेड़ की छांव में सिमटी इंसानियत, चारों ओर उजड़ता हुआ सिंगरौलीCM Mohan Yadav का सख्त मूड, 55 जिलों में कभी भी उतर सकता हेलीकॉप्टर, उपार्जन केंद्रों पर मचेगी हलचल

Singrauli News : थाने में कथित डील पर बवाल, SP से पारदर्शी जांच की मांग तेज

सिंगरौली : कोरेक्स की अवैध खेप पकड़ने के बाद चितरंगी थाना परिसर में रातों-रात हुई कथित सेटलमेंट ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है। जानकारी के मुताबिक पुलिस ने यूपी के घोरावल से थाना क्षेत्र से कोरेक्स की खेप ले जा रहे चार युवकों को पकड़ा था, लेकिन मुकदमा केवल दो के खिलाफ दर्ज हुआ, जबकि दो लोग रहस्यमय तरीके से गायब बताए जा रहे हैं। इन्हीं दो युवकों को छोड़ने के एवज में कथित रूप से 2–2 लाख रुपये लेकर कुल चार लाख की डील होने की चर्चा पूरे कस्बे में है। एसपी की जांच में बडे़ खुलासे हो सकते हैं।

बता दें कि थाना प्रभारी सुदेश तिवारी का नाम पहले भी रेत कारोबार के संरक्षण और मिलाप के आरोपों को लेकर सुर्खियों में रहा है। तब भी कार्रवाई के बजाय फाइलें दबा दी गईं, जिससे कई मामले आज तक अनसुलझे हैं। एनकाउंटर स्पेशलिस्ट की छवि के साथ आए थाना प्रभारी पर अब सवाल उठ रहे हैं कि क्या थाने में ही मुकदमे की कीमत तय हो रही है और अपराधी पैसों के दम पर कानून से खेल रहे हैं।

सूत्रों का दावा है कि पकड़े गए चारों को थाने लाकर देर रात तक रसूखदारों की आवाजाही लगी रही। दो युवकों के नाम एफआईआर से गायब होने और दूसरी सुबह उनके क्लीन निकल जाने की बात से यह संदेह और गहरा गया कि पूरी कहानी कागजों में कहीं और, जमीन पर कहीं और लिखी जा रही है। आम लोगों का सवाल है कि यदि चार को पकड़ा गया था तो सिर्फ दो पर ही प्रकरण क्यों दर्ज हुआ, बाकी दो कहां और किस आधार पर छोड़ दिए गए।

चितरंगी थाना अवैध कोरेक्स सप्लाई का ग्रीन कॉरिडोर’ बन गया है! यूपी से एमपी की सीमा पार करते ही कोरेक्स की खेपें हरी बत्ती पा लेती हैं, थाने में रुकावट नहीं, बस सेटलमेंट की रौनक रहती हैं। 4 पकड़े, एफआईआर में दो, बाकी गायब, ये तो जादू का खेल है।घटना के बाद स्थानीय नागरिक थाने की भूमिका पर खुलकर आपत्ति जताई है।

अब आमजन इस पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि कोरेक्स प्रकरण में वाकई कड़ाई बरती गई या फिर थाने के भीतर ही सौदेबाजी कर सबूतों और आरोपितों को सेटल कर दिया गया। लोगों का कहना है कि पारदर्शी जांच न हुई तो पुलिस और जनता के बीच भरोसे की दीवार और कमजोर होगी।

संबंधित समाचार

यहाँ सर्च करें

शेयर करें

लेटेस्ट खबरें