Close Menu
विंध्य न्यूज़
    Facebook X (Twitter) Instagram Threads
    Trending
    • सिंगरौली कॉलेज लेक्चरर छात्राओं से व्हाट्सएप स्कैंडल में फंसा, CM मोहन यादव से शिकायत में हुआ खुलासा
    • सिंगरौली सरई तहसील बाबू लखपति सिंह रिश्वत लेते लोकायुक्त ने रंगे हाथों पकड़ा
    • Singrauli News : प्रभारी मंत्री की प्रेस वार्ता बनी एकतरफा, पत्रकारों के सवालों का पर ज़वाब देने के बजाय बोलीं मोबाइल बंद करो
    • Singrauli News : शहर की सफाई व्यवस्था चरमराई, आयुक्त ने कंपनी और निरीक्षक को भेजा नोटिस
    • Singrauli News : पैसों के लालच में रिश्तों का खून, देवरानी ने कर दी जेठानी की हत्या
    • Singrauli Accident: झरकटा पहाड़ में पिकअप पलटने से चार श्रमिकों की दर्दनाक मौत, तीन घायल
    • IIT ISM धनबाद में गौतम अडानी का विजन : “जो तुम बनोगे,वही भारत बनेगा- फिर छात्रों में आत्मनिर्भर भारत का उमड़ा उत्साह
    • IIT धनबाद में छात्रों को गौतम अडानी का तोहफा, हर साल 50 पेड इंटर्नशिप, 25% को प्री-प्लेसमेंट ऑफर
    Facebook X (Twitter) Instagram
    विंध्य न्यूज़
    • Home
    • Sport
    • Fashion
    • Gadgets
    • Lifestyle
    • Travel
    • Business
    • Recipe
    विंध्य न्यूज़
    Madhya Pradesh

    Singrauli News : जिला मुख्यालय में 7 दिन से करोड़ों लीटर नाली में बह रहा अमृत जल

    By Pro VindhyaDecember 7, 2025Updated:December 7, 2025No Comments3 Mins Read

    करोड़ों लीटर पानी हो गया बर्बाद, सड़क के किनारे मिट्टी का लगा ढ़ेर

    सिंगरौली: जिला मुख्यालय के बीचोंबीच अमृत जल योजना का पानी पिछले सात दिनों से खुलेआम नाली में झरने की तरह बह रहा है, लेकिन जिम्मेदार विभाग और अफसर कान में तेल डालकर सोए हुए हैं। 10 एचपी के बराबर दबाव से चल रही इस लाइन से विशेषज्ञ प्रतिदिन औसतन 1 से 1.50 लाख लीटर पानी बहने की क्षमता मानते हैं, यानी एक हफ्ते में लगभग 10–15 लाख लीटर साफ़ पेयजल बिना मीटर घूमे, बिना राजस्व आए नाली में समा चुका है।

    सरकारें पानी के संरक्षण की बाद करते हैं, कार्यक्रम में कई करोड़ रुपए खर्च किए जाते हैं लेकिन यह सही है कि औशतन प्रतिदिन अमृत जल नाली में पहुंच रहा है। यह वही ‘नॉन‑रेवेन्यू वॉटर’ है, जिसके बारे में राष्ट्रीय रिपोर्टें चेतावनी दे चुकी हैं कि कई भारतीय शहरों में 30–40 फीसदी तक पीने का पानी इसी तरह लीकेज और चोरी से ग़ायब हो जाता है।

    अजीब विडंबना यह है कि जहां यह पानी बह रहा है, वहीं पर नगर निगम का मुख्यालय भी स्थित है, यानी जिन अफसरों को शहर की बूंद‑बूंद बचाने की जिम्मेदारी दी गई है, उनके दफ्तर के बाहर ही हफ्ते भर से अमृत जल की नहर बह रही है। अमृत 2.0 की परिचालन गाइडलाइन साफ़ कहती हैं कि हर नगर निकाय को लीकेज मापन, जल‑ऑडिट और नॉन‑रेवेन्यू वॉटर घटाने के लिए अलग सैल बनाना है, ज़ोनवार लीकेज मैपिंग करनी है और किसी भी तरह के रिसाव पर तत्काल असरदार कार्रवाई करनी है। लेकिन ज़मीनी हकीकत यह है कि यहां न तो पानी रोका गया, न प्रेशर कम किया गया, न ही पाइपलाइन को ट्रेस करने के लिए आधुनिक उपकरण लगाए गए, बस खानापूर्ति के लिए गड्ढा खोदकर अमृत जल को नाली में मिला दिए हैं और यह अमृत जल पानी में बह रहा है।

    सड़क के किनारे मिट्टी का ढेर

    गैस पाइपलाइन बिछाने के नाम पर ठेकेदारों ने सड़क खोदकर निकली मिट्टी उसी के किनारे ढेर कर दी है, जिससे पहले से ही संकरी सड़क और सिमट गई है। पैदल चलने वालों को मजबूरन आधी सड़क पर उतरकर चलना पड़ रहा है, नतीजा यह कि जरा‑सी लापरवाही पर दुर्घटना का खतरा बना रहता है। चार‑पहिया वाहन गुजरते ही सूखी मिट्टी का गुबार उठकर पूरे माहौल में फैल जाता है, जबकि अध्ययन बताते हैं कि ऐसी निर्माण‑संबंधी धूल में मौजूद महीन कण सांस और हृदय दोनों के लिए खतरनाक होते हैं। सड़क कटिंग के लिए जारी मानक निर्देश साफ कहते हैं कि खुदाई के बाद मिट्टी को ढंककर जल्द से जल्द हटाना और धूल नियंत्रण के उपाय करना ठेकेदार की जिम्मेदारी है, लेकिन यहां नियमों की खुली अनदेखी हो रही है।

    एक सप्ताह में करोड़ों लीटर पानी बर्बाद

    जिला मुख्यालय पर सात दिन से चल रहा यह लीकेज सिर्फ एक पाइप टूटने की घटना नहीं, बल्कि पूरे सिस्टम की संवेदनहीनता की पोल खोल रहा है, जहां अधिकारी अपने चैंबर से ही हर घर नल, हर घर जल के प्रेजेंटेशन देते हैं, वहीं बाहर गड्ढे से निकलती अमृत जल की धार और शहर में कूड़े का ढेर उन्हें आईना दिखा रही है। पांच एचपी की सबमर्सिबल या सेंट्रीफ्यूगल पम्प की डिस्चार्ज क्षमता आमतौर पर 1 से 1.50 लाख लीटर प्रतिदिन तक होती है, जब उसे लगातार चलाया जाए। बता दें कि अमृत जल की मेन पाइप गैस पाइपलाइन डालने के दौरान टूटने के बाद से 24 घंटे ऐसे ही बह रही है, इसलिए सामान्य अनुमान पर कम से कम 120,000 लीटर प्रतिदिन तो नाली में जा ही रहा है।

    About The Author

    Pro Vindhya

    See author's posts

    Pro Vindhya

    Related Posts

    सिंगरौली कॉलेज लेक्चरर छात्राओं से व्हाट्सएप स्कैंडल में फंसा, CM मोहन यादव से शिकायत में हुआ खुलासा

    January 13, 2026

    सिंगरौली सरई तहसील बाबू लखपति सिंह रिश्वत लेते लोकायुक्त ने रंगे हाथों पकड़ा

    January 12, 2026

    Singrauli News : प्रभारी मंत्री की प्रेस वार्ता बनी एकतरफा, पत्रकारों के सवालों का पर ज़वाब देने के बजाय बोलीं मोबाइल बंद करो

    January 10, 2026

    Comments are closed.

    Recent Posts
    • सिंगरौली कॉलेज लेक्चरर छात्राओं से व्हाट्सएप स्कैंडल में फंसा, CM मोहन यादव से शिकायत में हुआ खुलासा
    • सिंगरौली सरई तहसील बाबू लखपति सिंह रिश्वत लेते लोकायुक्त ने रंगे हाथों पकड़ा
    • Singrauli News : प्रभारी मंत्री की प्रेस वार्ता बनी एकतरफा, पत्रकारों के सवालों का पर ज़वाब देने के बजाय बोलीं मोबाइल बंद करो
    • Singrauli News : शहर की सफाई व्यवस्था चरमराई, आयुक्त ने कंपनी और निरीक्षक को भेजा नोटिस
    • Singrauli News : पैसों के लालच में रिश्तों का खून, देवरानी ने कर दी जेठानी की हत्या
    विंध्य न्यूज़
    Facebook X (Twitter) Instagram Pinterest
    • Home
    • Blog
    • Contact
    © 2025 All right reserved Vindhya News.

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.