सिंगरौली: आरटीओ चेकप्वाइंट उड़न दस्ता द्वारा गहन जांच अभियान जारी है । जहां यात्री बसों के आपातकालीन खिड़की, दरवाजे,पैनिक बटन और किराया सूची की जांच की गई। वहीं दूसरी तरफ माल वाहक गाड़ियों में ताबड़तोड़ चलानी कार्रवाई किया गया। जिला परिवहन अधिकारी विक्रम सिंह राठौड़ के निर्देश में चेक पॉइंट प्रभारी अनिमेष जैन ने कसर गेट से खनहना तक लगातार चेकिंग अभियान शुरू की है। चेक पॉइंट टीम ने मार्च महीने में करीब 5 लाख रूपए की चालानी कार्यवाही कर राजस्व वसूल हैं। टीम ने यात्री बसों के वाहन चालक सहित वाहन स्वामियों को नियमानुसार यात्रियों का परिवहन करने के साथ-साथ सतर्कता सुरक्षा के साथ सावधानी पूर्ण यात्रा कैसे करें का गुरु मंत्र भी दिया गया है।
जिला परिवहन अधिकारी और चेक पॉइंट प्रभारी अनिमेष जैन की संयुक्त टीम ने मालवाहक गाड़ियों पर कार्रवाई की है। जो माल वाहक गाड़ियां नियम विरुद्ध या तिरपाल ढककर नहीं चल रहे हैं। उक्त माल वाहक सड़क सुरक्षा मानकों का उल्लंघन करते पाए गए। उन गाड़ियों में कार्रवाई किया गया। साथ ही प्रशासन के आदेश अनुसार जिन वाहनों में रेडियम रिफ्लेक्टर नहीं लगे पाएं गए। उन पर रेडियम रिफलेक्टर लगाया गया है। माल वाहक गाड़ियों के संचालक कर्ता को समझाइश दिया गया है कि वायु प्रदूषण, ध्वनि प्रदूषण न हो इस और विशेष ध्यान दिया जाए। चालक सीट बेल्ट लगाकर चलें, शराब के नशें में गाड़ियां ना चलाएं, लाइसेंस धारी दो चालक रखें, लिफ्ट एक्सेल उठाकर ना चलें साथ ही मूल दस्तावेज साथ में रखें।
चेक पॉइंट प्रभारी अनिमेष जैन ने बताया कि 1 मार्च से 20 मार्च तक दो प्वाइंट्स में कार्रवाई कर आरटीओ चेक पॉइंट ने लगभग 5 लाख राजस्व कोषालय में जमा करवाया गया। वहीं चेक पॉइंट की लगातार कार्यवाही से बस ऑपरेटर एवं मालवाहक संचालन कर्ता का दर्द भी नजर आया। बस ऑपरेटरों ने कहा कि भाड़े का कम होना लगातार बढ़ रही महंगाई और दूसरी तरह ताबड़तोड़ चलानी कार्रवाई कहीं भी राहत दिखाई नहीं देती है। बस और मालवाहक ऑपरेटर की मांग है कि पोस मशीन एवं स्पीड ट्रैक्टर उपकरण द्वारा चलानी कार्रवाई हो, मैन्युअल चलानी कार्रवाई बंद होनी चाहिए।
चालकों को दी गई हिदायत
चालकों को बताया गया है की बस संचालन के पहले बस के ब्रेक टायर में हवा, मैकेनिकल कोई खराबी को बिना लापरवाही के दुरुस्त कर कर करके चलने की हिदायत दिया। ताकि दुर्घटना में रोकथाम सहित दुर्घटना मुक्ति का संकल्प पूरा हो सके। सड़क सुरक्षा अधिनियम एवं मोटरयान अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार चालक एवं परिचालकों को सुधार सुझाव सहयोग का फार्मूला अपना कर नियमानुसार कार्रवाई किया गया। वहीं बस संचालक निर्धारित क्षमता से अधिक सवारी बैठाने,ज्यादा किराया लेना,बस में आपात कालीन खिड़की दरवाजे दुरुस्त न होने, बस में मैकेनिकल खराबी पाएं जाने या मूल दस्तावेज का प्राप्त नहीं होंने पर कार्रवाई की गई।
More Stories
अल्युमिनियम प्लांट के CHP में जंगल का मेहमान, CCTV में कैद हुई तेंदुआ का मूवमेंट, फैक्ट्री अलर्ट
मोबाइल भी बंद, सुराग नहीं… चितरंगी से रहस्यमई ढंग से युवती लापता, तलाश में जुटी पुलिस
यात्रीगण ज़रा ध्यान दें: कोयला ट्रेलर ने दंपती को कुचला,NH-39 जाम