February 11, 2026

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Singrauli News : सोन नदी से अवैध रेत खनन करने सियासत का साथ, नदी का सीना हो रहा छलनी

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Singrauli News सोन घड़ियाल अभ्यारण से रेत का खनन और परिवहन से राज्य मंत्री की हो रही किरकिरी, करोड़ों में खेल रहे पुलिस और रेत माफिया

Singrauli News सिंगरौली : प्राकृतिक संपदा से भरपूर चितरंगी विधानसभा क्षेत्र में सोन नदी से रेत माफिया बेखौफ रेत खनन में जुटे हैं। विधानसभा चुनाव में लगातार मुद्दा बनने वाली यह समस्या का समाधान न जनप्रतिनिधि करवा पा रहे हैं, न जिम्मेदार कोई प्रयास कर रहे हैं। पुलिस संरक्षण की वजह से खनन माफिया पर अव्वल तो कार्रवाई ही नहीं होती और यदि कहीं हुई भी तो नाममात्र की।

अवैध खनन पर रोक लगाने वाले पुलिस अधिकारियों से लेकर क्षेत्र के विधायक सहित अन्य जनप्रतिनिधी भी सवालों के घेरे में हैं। चर्चा है कि रेत के अवैध खनन और परिवहन से पंचायत एवं ग्रामीण विकास राज्य मंत्री राधा सिंह की भी किरकिरी हो रही है।

चितरंगी विधानसभा में अवैध रूप से रेत खनन का कारोबार सोन नदी से हो रहा है। यहां पर रेत खनन माफिया द्वारा सोन घड़ियाल अभ्यारण नदी से रेत निकाल रहें है। जिसका वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। लेकिन पुलिस वीडियो को लेकर अभी तक संजीदा नजर नहीं आई। यह वह क्षेत्र है जहां रेत की कोई भी खदान नहीं है।‌

बावजूद यहां प्रतिदिन सैकड़ो ट्रैक्टर रेत के खनन और परिवहन में लगे रहते हैं। हालांकि पुलिस विभाग कभी कभार दिखावें के लिए एक दो डंपर और ट्रैक्टर ट्राली पर रेत जब्त की कार्रवाई करते है। लेकिन फिर उन कारोबारी को रेत खनन और परिवहन की इतनी छूट दे दी जाती है कि वह महीने भर में अपने नुकसान की भरपाई कर लेते हैं।

सरकारी और अधिकारी कर्मचारी बदलते रहते हैं लेकिन माफिया वही पुराने रहते हैं जो लंबे समय से काम कर रहे हैं। इनका खुद का सिंडिकेट होता है और इस सिंडिकेट में दूसरे नए वही लोग एंट्री कर पाते हैं जो खाकी और खादी के करीब होते हैं। बताया जा रहा है कि सोन नदी की चमचमाती रेत की डिमांड न केवल लोकल में है बल्कि उत्तर प्रदेश में भी अच्छी खासी डिमांड होने के चलते अच्छी कीमत वसूल की जाती हैं।

एक दर्जन घाटों से होता है अवैध खनन

चितरंगी और गढ़वा क्षेत्र के सोन नदी से रेत खनन और परिवहन के लिए करीब दो दर्जन घाट बनाए गए हैं। इलाके में बर्दी,कोरसर , बरहट, धरौली,खैरा,गागी,केउटली, खटाई, राजाबर, बड़रम, देवरा, लमसरई,धानी सहित कई ऐसे घाट हैं जहां से सोन नदी के प्रतिबंध क्षेत्र से रेत का खनन और परिवहन किया जाता है।

राजनीतिक दलों से जुड़े प्रभावशाली लोग पुलिस व प्रशासन की मदद से प्रतिदिन खनन कर रहे हैं। खनिज विभाग भी इनके सामने असहाय जैसा ही है। अवैध खनन पर रोक नहीं लगी। सूत्रों की माने तो चितरंगी और गढ़वा थाना के थाना प्रभारी तीन-चार पुलिस कर्मियों को जिम्मेदारी दे रखा है। जो अवैध खनन से जुड़े लोगों से अवैध वसूली करते हैं।

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