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CM हेल्पलाईन की 1440 शिकायते देख हिल गए कलेक्टर, मां और लाडली बहनाओं ने लगाई लंका!

CM Mohan Yadav सिंगरौली। डॉ. मोहन यादव सरकार जिन योजनाओं के दम पर अपनी पीठ थपथपा रही है। वास्तव में उन योजनाओं का लाभ पाने के लिए जिले की जनता को काफी परेशान होना पड़ रहा है। महिला बाल विकास विभाग ऐसा पहला विभाग है जिससे संबंधित शिकायतों की संख्या सबसे ज्यादा है। ब्लॉक बैढ़न, देवसर और चितरंगी में सीएम हेल्पलाइन की करीब 1440 शिकायतें पेंडिंग है। जिसका निराकरण नही किया गया है। परियोजना अधिकारी शिकायतों को लेकर बिल्कुल संजीदा नजर नहीं आ रहे।

गौरतलब है कि आंगनबाड़ी केंद्र समय पर न खुलने, पोषण आहार वितरण न होने, मातृ वंदना योजना, लाड़ली लक्ष्मी योजना, लाडली बहना योजना सहित साझा चूल्हा द्वारा की जा रही गड़बड़ी जैसी ढेरों शिकायतें सीएम हेल्प लाइन के जरिए की जा रही हैं। जानकर हैरानी होगी कि महिला बाल विकास विभाग से संबंधित 1440 से अधिक शिकायतें अभी भी पेंडिंग हैं। CM

परियोजना अधिकारी कार्यालय देवसर

बता दें कि एल-1 में 77, एल-2 में 33 और एल-3 में 1231 शिकायतें लंबित हैं। यह आंकड़े सप्ताह भर पहले के हैं। अब शिकायतों की संख्या अधिक पहुंच गई होगी। यानी यह वे शिकायतें हैं, जिनका निराकरण अभी तक नहीं हुआ है। इधर विभाग के अधिकारियों पर शिकायतों को बंद कराने का कलेक्टर सहित भोपाल स्तर से दबाव भी है। इस वजह से निराकरण कराने में विभाग को पसीना आ रहा है। CM

दावा किया जा रहा है कि प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना का हाल देवसर और चितरंगी ब्लांक में सबसे चिंताजनक है। बताया जा रहा है कि देवसर प्रभारी के कार्यकाल के दौरान कई कारनामें हुये हैं। आंगनवाड़ियों में पोषण आहार पहुंचाने वाले वाहनोंं की जांच की जाये तो कई चौकाने वाले खुलासे होंगे। प्रभारी महिला बाल विकास अधिकारी रहते हुये आरपी सिंह पर योजनाओं की राशि की बंदरबांट की चर्चा जोरो पर रही है। CM

वही गर्भवती महिलाओं को आर्थिक सहायता प्रदान करने के उद्देश्य से लाई गई यह अतिमहत्वपूर्ण योजना इन दिनों शिकायतों के चलते चर्चा में है। वहीं लाडली बहना योजना के लिए नए रजिस्ट्रेशन नहीं हो सके हैं। इस तरह की अनेकों शिकायतें सीएम हेल्प लाइन योजना में दर्ज की गई हैं। जिनका निराकरण नहीं हो सका है। आलम यह है कि जितनी प्रगति है, उतनी ही शिकायतें दर्ज हैं और परियोजना अधिकारी उनका निपटारा करने में संजीदा नजर नहीं आ रहे। CM

कॉल कर बोल रहे शिकायत बंद कर दो

सीएम हेल्प लाइन में दर्ज शिकायतों पर सीधे सीएम समीक्षा करते हैं। यही वजह है कि शिकायतों को लेकर विभाग के अधिकारी सतर्कता के साथ काफी डरे रहते हैं। शिकायत बंद करने के लिए शिकायतकर्ताओं को फोन लगवाकर शिकायत बंद कराने का दबाव भी डाला जाता है। काम न होने के कारण पीड़ित भी शिकायत बंद नही करा रहे हैं। वहीं फोर्स क्लोज मामले में भी विभाग मनमानी नहीं कर सकता। इस वजह से पेंडेंसी खत्म नहीं हो रही है। CM

आंकड़े अधिकारियों की खोल रहे पोल

आंकड़े बताते हैं कि जिले में मातृ वंदना योजना, लाडली बहना सहित लाड़ली लक्ष्मी योजना में शिकायतें सबसे अधिक है। वहीं योजना का लाभ सीमित महिलाओं तक ही पहुंच पा रहा है। हालांकि अधिकारी इसे हितग्राहियों के बैंक अकाउंट, समग्र आईडी, आधार सहित अन्य दस्तावेज लिंक नहीं होंने और जागरूकता का अभाव बताकर पल्ला झाड़ रहे हैं। वजह जो भी हो, लेकिन पात्र महिलाएं इन योजना से वंचित है। वही निराकरण नहीं होने पर अब सरकार की किरकिरी हो रही है। CM

इनका कहना:-
अधिकतर शिकायते मातृत्व वंदना और लाडली बहना योजनाओं की है। पुराना पोर्टल के हितग्राही थे जिन्हें एक किस्त चले गए थे या आवेदन फीड हो गया था। वह नए पोर्टल में शिफ्ट नहीं हो पाए। इससे शिकायते बढ़ी हैं। हालांकि अब पुराने हितग्राही भी नए पोर्टल में शो हो रहा है, जल्द ही शिकायतें कम हो जाएगी।
आरपी सिंह, परियोजना अधिकारी, ग्रामीण

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सिंगरौली जिले को कौन चला रहा

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