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Singrauli News : ननि के अधिकारी सड़क निर्माण के समय जल निकासी को भूले, फिर सड़क को किया तहस-नहस

Singrauli News : ननि के अधिकारी सड़क निर्माण के समय जल निकासी को भूले, फिर सड़क को किया तहस-नहस

Singrauli News : सिंगरौली।नगर निगम अधिकारियों के गैर जिम्मेदाराना रवैया से शहर के लोग खासे परेशान है। कभी सीवर लाइन तो कभी नल जल योजना की पाइप बिछाने तो कभी गैस पाइपलाइन बिछाने को लेकर नई सड़कों को तहस-नहस कर जिम्मेदार विकास कर रहे हैं। अब नगर निगम अधिकारियों ने बीच शहर में टू लेन सड़क का निर्माण करवाया लेकिन पानी निकासी के लिए सड़क के किनारे बनी नालियों से जोड़ने के लिए सड़क पर पुल बनाना ही भूल गए। अब जब सड़क बन गई है तो अधिकारियों को पानी निकासी पर ध्यान गया। जिसके लिए अब फिर टू लेन सड़क को खोदकर अंडरग्राउंड पाइपलाइन बिछाने का काम शुरू किया है। 

गौरतलब है कि नगर निगम क्षेत्र के वार्ड क्रमांक 42 में करोड़ों रुपए खर्च कर टू लेन सड़क का निर्माण करवाया गया था। लेकिन जिम्मेदारों ने पानी निकासी के लिए सड़क में पूर्ण निर्माण करना भूल गए। जिम्मेदारों को रोड से लगी बनी नाली नजर नहीं आई। जल निकासी की उचित व्यवस्था नहीं होने के कारण हल्की बारिश में ही मार्ग पर पानी भरते लोगों ने देखा है और समस्याओं से जूझे हैं। Singrauli News :

वहीं एक पखवाड़े पूर्व कुछ घंटे की बारिश से सड़क पर पानी भरने से अधिकारियों की नींद खुल गई। अब अधिकारियों ने सड़क से लगी नाली का पानी निकालने के लिए टू लेंन सड़क में अंडरग्राउंड पुल निर्माण का काम शुरू किया है। एक लेने सड़क बंद होने के बाद वार्ड वासियों की भी चिंता बढ़ गई है। बढ़े भी क्यों ना इस सड़क में सेंट जोसेफ स्कूल, नगर निगम आवासीय कॉलोनी, एसबीआई कॉलोनी सहित एक निजी कंपनी का टाउनशिप सहित बार्ड के लोगों का आना जाना होता है।

सिर्फ स्कूल भर की बात की जाए तो हजारों स्कूली बच्चों सहित अभिभावकों का आना-जाना रहता है। ऐसे में  जहां अब टू लेन सड़क की एक लेने बंद होने से जाम की स्थिति निर्मित होंनी तय है। तो वहीं अब नगर निगम सहित यातायात पुलिस को स्कूल के लगने और छुट्टी के समय यातायात सुगम बनाने के लिए आगे आना होगा ताकि कोई हादसा ना हो। Singrauli News :

अधिकारियों की तय होनी चाहिए जिम्मेदारी

जिले में बिना टाउन एंड कंट्री प्लानिंग के शहर में निर्माण कार्य हो रहे हैं। सड़कों से ज्यादा ऊंचाई पर नाली का निर्माण कराया गया है ऐसे में पानी कैसे निकाले। इतना ही नहीं जिले में शायद ही ऐसी सड़क बनी हो जिसे खोदकर सिविल लाइन या फिर नल जल योजना की पाइपलाइन ना बिछाई गई हो। वहीं कई ऐसी सड़के हैं जहां सड़क पहले बनती है और फिर उसे खोदकर अंडरग्राउंड पुल निर्माण का काम कराया जाता है। लेकिन इन सब अव्यवस्थित निर्माण कार्यों के लिए कौन जिम्मेदार है इसका निर्धारण जब तक नहीं किया जाएगा तब तक सरकारी पैसों का दुरुपयोग होता रहेगा। Singrauli News :

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