सिंगरौली। नगर निगम के वार्ड क्रमांक 42 और 30 के बीच बनी सड़क दो साल में ही बदहाली की मिसाल बन गई है। सीवर लाइन बिछाने के बाद अधूरा और घटिया मरम्मत कार्य अब लोगों के लिए भारी मुसीबत बन चुका है। हल्की बारिश में ही सड़क गड्ढों से भरे तालाब में तब्दील हो गई, जिससे हर दिन हादसे का खतरा बना हुआ है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि सीवर ठेकेदार ने बिना तकनीकी मानकों के काम पूरा दिखा दिया। न कम्प्रेशन, न रोलिंग—सिर्फ लीपापोती कर दी गई। पहली बारिश ने ही सड़क की सच्चाई उजागर कर दी और जगह-जगह गड्ढे बन गए।

सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि जब इस गंभीर समस्या पर नगर निगम कमिश्नर सविता प्रधान से प्रतिक्रिया लेने की कोशिश की गई, तो उन्होंने वीसी में हूं कहकर फोन काट दिया। इससे साफ है कि जनता की परेशानी फिलहाल प्राथमिकता में नहीं दिख रही।
इधर, सड़क और सीवर ठेकेदार के बीच जिम्मेदारी को लेकर खींचतान जारी है, जिससे समस्या और उलझ गई है। स्थानीय लोगों ने जल्द कार्रवाई की मांग करते हुए चेतावनी दी है कि यदि स्थिति नहीं सुधरी तो बड़ा हादसा हो सकता है।
नगर निगम अध्यक्ष देवेश पांडे ने कहा कि मामला संज्ञान में है और सड़क को जल्द दुरुस्त कराया जाएगा। फिलहाल, लोग बदहाल सड़क पर जोखिम उठाकर गुजरने को मजबूर हैं।