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सम्राट अशोक के तर्ज में शासन? सल्तनत में अवैध कारोबार का बोलबाला

सिंगरौली। सीएम मोहन यादव भले ही अवैध कारोबार के खिलाफ सख्त हैं, लेकिन सिंगरौली जिले के सम्राट सरकार के बराबर अपनी एक अलग सल्तनत चला रहे हैं। इनको ना सरकार का खौफ है और ना जिले के अधिकारियों का। यह देखने में तो भले ही साधारण दिखते हैं, लेकिन इनकी हनक इतनी है कि बड़े-बड़े अधिकारी पल भर में उनके सामने हथियार डाल देते हैं।

मौर्य वंश के सम्राट अशोक अपने शासनकाल की शुरुआत में क्रुरता और निर्दयतापूर्ण व्यवहार के लिए बदनाम था। उसने राज्य के लिए अपने एक भाई को छोड़कर सभी भाइयों को मार डाला था। हालांकि अब कलयुग का सम्राट शराब, गांजा, हेरोइन, कबाड़, रेत, मिट्टी सहित स्पा सेंटरों से अवैध वसूली को लेकर सुर्खियों में है। सम्राट अपने ओहदे के रसूख से खुद की सल्तनत खड़ी कर दी हैं। उस सल्तनत में अवैध कारोबार का बोलबाला है। लेकिन सम्राट को कौन बताएं कि वह तभी तक हुकूमत कर सकते हैं जब तक पार्टी की अदृश्य कुर्सी साथ में है।

सम्राट की हनक राजनेताओं की सरपरस्ती

कुर्सी का खेल हर जगह है। सम्राट की हनक राजनेताओं की सरपरस्ती से है। वर्ना मजाल क्या कि शहर में अवैध कारोबार हो और वह अपनी हनक दिखाएं। वैसे तो कुर्सी की लड़ाई सदियों से चली आ रही है। कुर्सी का पावर ही है कि उसमें बैठने के बाद आदमी का रूतवा बदल जाता है और कुर्सी जाने के बाद लोग रोते है, लेकिन कुर्सी नही।

जजिया कर नही देने पर होती है कार्यवाही
मुगल शासक जजिया कर वसूलते थे। यह कर, लोगों से वसूला जाता था। इसे वसूलने की जम्मेदारी कुछ खास लोगों को दी जाती थी। अब शहर के सम्राट जजिया कर तो नही, बल्कि अवैध कामों में शामिल कारोबारी से अवैध वसूली कर रहे हैं। सम्राट अपनी बनाई हुई नही, बल्कि व्यवस्था से बनी सल्तनत में अहम ओहदे पर है। जहां वह अवैध कारोबारियों से वसूली में लगे हैं। सम्राट का रसूख इतना है कि मजाल क्या की कोई अवैध कारोबारी समय पर सुविधा शुल्क ना दे। नहीं देने पर कार्यवाही होना तय है। वहीं सम्राट ने वसूली के लिए तीसरी आंख को अहम जिम्मेदारी दी है।

अवैध कारोबारियों से हो रही वसूली
जगह-जगह अवैध शराब और गांजा सहित हेरोइन का कारोबार खुलेआम हो रहा है। इतना ही नहीं अवैध रेत, मिट्टी सहित अवैध कबाड़ का कारोबार से वसूली करा रहे है। सल्तनत में कई स्पा सेंटरों में थाई मसाज के अलावा वह सारे अनैतिक काम हो रहे हैं। जो सभ्य समाज के लिए बड़ा धब्बा है। लेकिन सम्राट के लिए क्या वह तो कमाने आए हैं। कुर्सी कमाने के लिए पकड़े हैं, कमाई कैसी भी हो हर हाल में होनी चाहिए।

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