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MP के सिंगरौली में बंधा कोल ब्लॉक अवार्ड को बताया अन्याय का बम विस्फोट,कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने कहा बिना पारदर्शिता के चल रहा काम

सिंगरौली : जिले के संवेदनहीन जिला प्रशासन और धन प्रेमी उद्योगपतियों के जुगलबंदी ने जिले के किसान ,भूमि स्वामी, मजदूर, विस्थापित ,और युवा बेरोजगारों के साथ अन्याय किया है। बंधा कोल ब्लॉक अवार्ड जिले वासियों के साथ विश्वासघात और भविष्य के लिए अन्याय के दस्तक का दस्तावेज है ।

सिंगरौली जिला के हितों के साथ खिलवाड़ करने और संपत्ति की लूट करने वाले जिला प्रशासन का एवार्ड के खिलाफ लड़ाई लड़ने बालों के लिए दिया गया हिटलरशाही हुक्म कलेक्टर के अहंकार का प्रतीक है धमकी से संघर्ष नहीं रुकेगा। सिंगरौली जिला के बंधा कोल ब्लॉक के पारित अवार्ड के बाद अपनी प्रतिक्रिया देते हुए जिला कांग्रेस कमेटी सिंगरौली ग्रामीण अध्यक्ष ज्ञानेंद्र द्विवेदी ने कहा है कि सिंगरौली जिला में अब सरकार का नहीं कंपनी का प्रशासन चल रहा है।

बंधा कोल ब्लॉक अवार्ड से 3362 मकानों को अवैध कह कर पृथक कर देने को जिला प्रशासन का वैध आदेश नहीं कहा जा सकता जिला प्रशासन को बेध मकानों की सूची भी अवार्ड के साथ जारी करनी चाहिए जो नहीं की। गई यह निर्णय के पारदर्शिता पर संदेह पैदा करती है।जिला प्रशासन के प्रतिबंधित अवधि के पूर्व बने मकान जिनकी नंबरिंग और नाप की गई थी वह अवैध की सूची में कैसे शामिल किए गए। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन के सनकी मिजाज का अंत यहीं से नहीं होता है उन्होंने बाहरी और गैर बाहरी की परिभाषा भी गढ़ दी है।

उन्होंने कहा कि ऐसा लगता है कि उनकी नजर में अब काश्मीर से कन्या कुमारी तक भारत एक नहीं है। जिला प्रशासन का अलग अलग कोल ब्लाकों में मापदंड का नाजिया भी भिन्न भिन्न क्यों है बाहरी और गैर बाहरी के साथ क्या अपना व पराया का भी कोई सूत्र है। जिला प्रशासन के अलग अलग मापदंड उच्च न्यायालय द्वारा पूर्व में कीगई टिप्पणी को सार्थक सिद्ध करता है जिला में भू अर्जन तथा विस्थापन के संपूर्ण प्रक्रिया की उच्च स्तरीय निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।

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