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बरहट में मंजूर सोसायटी धरौली में में हो रही संचालित,कलेक्टर भी नहीं कर पाएं कार्यवाही, ग्रामीण और सरपंच परेशान

सिंगरौली।  आदिम जाति सेवा सहकारी समिति बरहट के नाम से मंजूर हैं। लेकिन इसका संचालन धरौली में पिछले तीन चार दशक से कैसे हो रहा हैं जबकि समिति के नाम से ग्राम बरहट में दफ्तर के लिए भूमि भी आरंक्षित हैं इसके बावजूद कभी भी बहरट में केन्द्र संचालन के लिए किसी भी प्रकार का जदोजहद नही किया गया। इसी बात को लेकर बरहट धरौली सरपंच एवं जनपद सदस्य के प्रस्ताव के साथ दर्जनो किसानों ने आवेदन कलेक्टर को दिया हैं।

दरअसल चितरंगी विकास खण्ड के बरहट के नाम से सेवा सहकारी समिति मंजूर हैं। यह मंजूरी आज से नही बल्कि तीन दशक के उपर से हैं। लेकिन इसका संचालन बरहट के स्थान पर धरौली गाव में हो रहा है यहा बकायदे समिति का दफ्तर व गोदाम भी हैं।

यहां के सैकड़ो ग्रामीणो का आरोप है कि धरौली में किसानो का खाद बीज खरीदने  के लिए कई दिनों तक चक्कर लगाना पड़ता है इसके बावजूद अधिकाश किसानो को खाद बीज नही मिल पाता बल्कि खाद बीज की कालाबाजारी कर दी जा रही है। धरौली का स्थानीय समिति प्रबंधक होने के नाते खरीदी केन्द्र में पूरी तरह से उसका दबदबा रहता है। 

बरहट सहित उसके आस पास के ग्रामीणो का यह भी कहना है कि समिति के लिए ग्राम बरहट में आराजी क्रमांक 1447 एवं 1448 रकवा 2 हे0 मध्यप्रदेश शासन की भूमि आरंक्षित है। यह वेयर हाउस वा धान खरीदी के लिए प्रस्तावित है मध्यप्रदेश शासन की उक्त भूमि मुख्य सड़क से लगी हुई हैं। और इस पर सरपंच ग्राम पंचायत बरहट से प्रस्ताव भी पारित हैं।

इसके अलावा ग्राम पंचायत धरौली के सरपंच रितु सिंह चंदेल ने भी धरौली के स्थान पर बरहट में स्थानातरित किए जाने के लिए कलेक्टर के यहा पत्राचार किया। धरौली एवं बरहट सरपंच के अलावा जनपद सदस्य बरहट वार्ड क्रमांक 5 शकुन्तला देवी ने भी कलेक्टर को पत्र देकर उक्त समिति को धरौली के बजाय बरहट में स्थानातरित किए जाने की मांग की हैं।  

दर्जनो ग्रामीण दें चुके हैं आवेदन

धरौली के बजाय बरहट में सेवा सहकारी समिति को स्थानातरित कराने के लिए दर्जनो ग्रामीणो ने कलेक्टर को आवेदन देते हुयें माग किया है कि सेवा सहकारी समिति भले ही बरहट के नाम दशको से संचालित हो रही है लेकिन हकीकत में धरौली में संचालित हो रही हैं जिसका विरोध ग्रामीण जन का कई सालो से कर रहे है इसके बावजूद प्रशासनिक अमला बरहट में स्थानातरित नही कर वा पा रहे हैं।  इसके विरोध में ग्रामीणो ने कलेक्टर से फरियाद करते हुए बरहट में संचालन कराए जाने की मांग की हैं।

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