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सिंगरौली जिला में अवैध शराब पर दिखावा या मिलीभगत? आबकारी विभाग कटघरे में

सिंगरौली : जिले में अवैध शराब के कारोबार को लेकर आबकारी विभाग एक बार फिर सवालों के घेरे में है। विभाग ने हाल ही में वृत्त देवसर अंतर्गत जियावन और डोंगा में दबिश देकर कुछ पाव शराब और बियर जब्त करने की कार्रवाई की, लेकिन सवाल यह है कि क्या इतनी छोटी जब्ती से अवैध शराब के बड़े नेटवर्क पर लगाम लग सकती है? जमीनी हकीकत यह है कि जिले के कई इलाकों में खुलेआम अवैध शराब की पैकारी और सप्लाई होती है, जिनके वीडियो सोशल मीडिया पर लगातार वायरल होते रहे हैं।

स्थानीय लोगों का आरोप है कि बड़े शराब माफिया बेखौफ होकर कारोबार चला रहे हैं, जबकि विभाग सिर्फ छोटे कारोबारियों पर कार्रवाई कर अपनी औपचारिक जिम्मेदारी निभा रहा है। बार-बार शिकायतें दर्ज होने और वीडियो सामने आने के बावजूद बड़े सप्लायरों और परिवहन नेटवर्क तक कार्रवाई का दायरा नहीं पहुंच पाता, जिससे विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।

ग्रामीणों का कहना है कि अवैध शराब का कारोबार केवल कुछ दुकानों या घरों तक सीमित नहीं, बल्कि यह संगठित ढंग से संचालित हो रहा है। आरोप यह भी है कि बिना संरक्षण के इतनी बड़ी पैमाने पर अवैध सप्लाई संभव नहीं है। हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन लगातार सामने आ रही घटनाएं विभाग की सख्ती पर संदेह जरूर पैदा करती हैं।

चर्चा है कि अवैध शराब केवल कानून-व्यवस्था का मुद्दा नहीं, बल्कि जनस्वास्थ्य और सरकारी राजस्व से भी जुड़ा गंभीर प्रश्न है। जहरीली शराब से होने वाली संभावित घटनाएं किसी भी समय बड़ी त्रासदी का रूप ले सकती हैं। ऐसे में जनता पारदर्शी जांच और बड़े स्तर पर ठोस कार्रवाई की मांग कर रही है। अब देखना यह होगा कि विभाग सख्त और निष्पक्ष अभियान चलाकर भरोसा बहाल करता है या फिर सीमित कार्रवाई तक ही सिमटकर आलोचनाओं का सामना करता रहेगा।

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