|
Breaking News
सांप काटने से मासूम की मौत, ट्रामा सेंटर लापरवाही और खराब फ्रीजर ने बढ़ाई मुश्किलेंठेकेदार को फायदा पहुंचाने 78 लाख का हुआ स्ट्रीट लाइट टेंडर ?  महापौर का पत्र भी अनदेखावार्ड 40-41 में सफाई के बाद सर्वे, टीम लौटी, नगर निगम कमिश्नर फिर कटघरे में !सिंगरौली में घरेलू गैस के अवैध रिफिलिंग और दुरुपयोग पर छापा,भारी मात्रा में सिलेंडर व मशीनें जब्तSingrauli News : पुलिस संरक्षण में फलता-फूलता अवैध अहाता, सरेआम कानून की उड़ रही धज्जियांSingrauli News : नो कंडीशन में ठेका, 92 लाख का खेल? स्ट्रीट लाइट घोटाले में फिर घिरी कमिश्नरCM साहब! सिंगरौली में सुबह भी ताले में कैद कोतवाली, कोतवाली प्रभारी बेपरवाह या फिर सिस्टम लाचारएक पेड़ की छांव में सिमटी इंसानियत, चारों ओर उजड़ता हुआ सिंगरौलीसांप काटने से मासूम की मौत, ट्रामा सेंटर लापरवाही और खराब फ्रीजर ने बढ़ाई मुश्किलेंठेकेदार को फायदा पहुंचाने 78 लाख का हुआ स्ट्रीट लाइट टेंडर ?  महापौर का पत्र भी अनदेखावार्ड 40-41 में सफाई के बाद सर्वे, टीम लौटी, नगर निगम कमिश्नर फिर कटघरे में !सिंगरौली में घरेलू गैस के अवैध रिफिलिंग और दुरुपयोग पर छापा,भारी मात्रा में सिलेंडर व मशीनें जब्तSingrauli News : पुलिस संरक्षण में फलता-फूलता अवैध अहाता, सरेआम कानून की उड़ रही धज्जियांSingrauli News : नो कंडीशन में ठेका, 92 लाख का खेल? स्ट्रीट लाइट घोटाले में फिर घिरी कमिश्नरCM साहब! सिंगरौली में सुबह भी ताले में कैद कोतवाली, कोतवाली प्रभारी बेपरवाह या फिर सिस्टम लाचारएक पेड़ की छांव में सिमटी इंसानियत, चारों ओर उजड़ता हुआ सिंगरौली

नवागत कलेक्टर गौरव बेनल की मिसाल,NTPC के लग्जरी आवास को छोड़ा, बोलें सरकारी आवास का मरम्मत कराओं उसी में रहूंगा ताकि…

सिंगरौली। जिले के नवागत कलेक्टर गौरव बैनल ने आदर्शों और कर्त्तव्यपरायणता की मिसाल पेश की है। उन्होंने एनटीपीसी के लग्जरियस आवास को छोड़कर सरकारी बंगले में रहने का फैसला किया तो जिले भर में उनकी प्रशंसा शुरू हो गई। कलेक्टर ने एनटीपीसी के बंगले में रहने के प्रस्ताव को ठुकराते हुए सरकारी बंगले में रहने की बात कहीं। वही नवागत कलेक्टर ने बीते शुक्रवार को सरकारी बंगले का सपरिवार विधिवत निरीक्षण किया और कहा कि इसी में रहेंगे। इसके पश्चात आज दिन शनिवार को कलेक्टर के सरकारी बंगले की मरम्मत कार्य तेजी से शुरू हो गई है। जहां बंगले का रंग रोगन किया जा रहा है।

इधर बता दे की जिला मुख्यालय बैढ़न के कलेक्ट्रेट कार्यालय के समीप करीब दस साल पहले कलेक्टर निवास भवन बनाया गया, लेकिन जब से यह भवन बना तब से आज तक कोई भी कलेक्टर इस भवन में रहने की जहमत नहीं उठाई । सभी कलेक्टरों ने एनटीपीसी की लग्जरी आवास का मोह नहीं छोड़ पाए और यहां बने सरकारी आवास में रहने से मना कर दिया। इसके चलते उक्त भवन में तहसील कार्यालय शहरी सिंगरौली बना दिया गया। तकरीबन दो-तीन वर्षों तक तहसील कार्यालय शहरी सिंगरौली का कामकाज इसी भवन में होने लगा। जब तहसील शहरी सिंगरौली कार्यालय पचौर में बना तो यह भवन फिर से खाली हो गया। उक्त भवन में कोई भी रहने को तैयार नहीं हुआ।

सिंगरौली एसडीएम सृजन वर्मा ने रहने की जहमत जुटाए और रहने लगे। लेकिन जब से जिला बना कोई भी कलेक्टर उक्त भवन में रहने को तैयार नहीं हुए। नवागत कलेक्टर गौरव बैनल एनटीपीसी के बंगले में रहने के लिए कहा गया तो उनके द्वारा पूछा गया कि क्या सरकारी बंगला नहीं बना है जिस पर अधिकारियों के द्वारा बताया गया कि बना है लेकिन अभी तक कोई कलेक्टर उक्त भवन में नहीं रहे हैं। कलेक्टर ने अधिकारियों से भवन देखने की बात कही और कलेक्टर गौरव बैनल ने सपरिवार सरकारी बंगले को देखने पहुंच गए और देखा तो उन्हें अच्छा लगा और मुख्यालय से नजदीक भी हैं। और शहर की गतिविधियों पर भी नजर रखी जा सकेगी। 

कलेक्टर के आदर्शो की हो रही प्रशंसा, कलेक्टर से मिलना होगा आसान

कलेक्टर के इस नवाचार पहल से आम जनमानस में कलेक्टर के उच्च आदर्शो प्रशंसा हो रही है साथ ही कहा जा रहा है कि अब आम लोगों के लिए कलेक्टर से मिलना सुलभ होगा। लोग छुट्टी के दिनों में भी अपनी समस्याओं के समाधान के लिए सीधे संपर्क कर सकेंगे। सरकारी बंगले में ही रहने की बात कहने के बाद उक्त कलेक्टर बंगले का साफ-सफाई,रंग रोगन विधिवत शुरू हो गया है। कलेक्टर के सरकारी बंगले की साफ सफाई और मेंटेनेंस करने वाले कर्मचारियों ने बताया कि काम तेजी से चल रहा है जल्दी ही उक्त सरकारी बंगले में कलेक्टर रहने लगेंगे।

पहले कलेक्टर होंगे जो सरकारी बंगले में रहेंगे

इधर बता दें कि नवागत कलेक्टर गौरव बैनल पहले ऐसे कलेक्टर है जो सरकारी बंगले में रहने की इच्छा जाहिर की है। इसके पहले कई कलेक्टर आए और गए लेकिन सभी को एनटीपीसी का बंगला ही रास आया । इस सरकारी बंगले में कोई भी कलेक्टर रहने की इच्छा जाहिर नहीं की थी। यही वजह है कि कई ऐसे अधिकारी है जो एनटीपीसी का बंगला पाकर सरकारी भवनों में रहना पसंद नहीं करते हैं यही वजह है कि यहां से स्थानांतरण होने के बाद भी कई ऐसे अधिकारी हैं जिनका कमरा अभी भी एनटीपीसी में यथावत है और उनका मोह भंग नहीं हो रहा है।

संबंधित समाचार

यहाँ सर्च करें

शेयर करें

लेटेस्ट खबरें