आलेख – कमलेश पांडेय
Singrauli News सिंगरौली। तेल्दह गांव की रहने वाली सुनीता खैरवार की शादी भर्रा कर्थुआ जनपद चितरंगी में होने के बावजूद गडरिया गांव कि सरपंच बनाकर सबको चौंका दिया। हालांकि अब हाई कोर्ट के निर्देश के बाद सरपंच की मुश्किलें बढ़ने लगी है। हाई कोर्ट ने एसडीएम को इस मामले की जांच कार्यवाही करने के निर्देश दिए हैं।
बता दें कि गड़रिया सरपंच सुनीता खैरवार पर आरोप है कि निर्वाचन आयोग को झूठी जानकारी देकर सरपंच का चुनाव जीता हैं। शिकायतकर्ता ने सरपंच के फर्जी दस्तावेज को लेकर स्थानीय जिला प्रशासन से शिकायत की। लेकिन जब न्याय नहीं मिला तो वह हाईकोर्ट में शिकायत की थी। जहां हाई कोर्ट के निर्देश में अब एसडीएम एक महीने के भीतर जांच कर फैसला करेंगे। सरपंच सुनीता खैरवार की अगली सुनवाई 5 जून को होनी है।
आरोप हैं कि सुनीता खैरवार एक ईटा प्लांट में मजदूरी करती हैं, जहां ईटा प्लांट के मालिक अरविंद शाह और उससे जुड़े लोगों ने तेलदह की रहने वाली सुनीता खैरवार का नाम गडरिया पंचायत में भी लिखवा दिए। वहीं सरपंच चुनाव लड़ाने के लिए पूर्व सरपंच ने सुनीता खैरवार का गडरिया गांव का निवास, जाति प्रमाण पत्र, बीपीएल और वोटर लिस्ट में नाम जुड़वा दिया। वही राशन भी मिलने लगा। हैरानी यह भी है कि तीन ग्राम पंचायत में नाम जुड़ा होने की चर्चा है। Singrauli
मजदूर से सरपंच बनाने तक में कई झोल
चर्चा हैं कि ईटा प्लांट में मजदूरी का काम करने वाली सुनीता खैरवार को सरपंच बनाने में किसका रोल रहा यह सबसे बड़ा सवाल रहा। वही सवाल यह भी है कि बिना पढ़ी-लिखी सरपंच का निवास प्रमाण पत्र, वोटर लिस्ट और बीपीएल सूची में किसने जुड़वाया। आखिर कैसे प्रधानमंत्री आवास भूखंड और प्रधानमंत्री आवास एलाट हो गया। Singrauli